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CAA in European Parliament: मतदान टला तो भारत ने प्रधानमंत्री के ब्रुसेल्स दौरे पर लगाई मुहर

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारे राजनयिक इस मुद्दे पर ईयू संसद के सदस्यों के साथ संवाद जारी रखेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दोहराया कि सीएए हमारा आतंरिक मामला है। ईयू संसद में प्रस्ताव लाए जाने को लेकर भारत ने भारी विरोध किया था।

pm modi, man ki baatपीएम मोदी (फोटो सोर्स- एएनआई)।

CAA in European Parliament: यूरोपीय संघ की संसद में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर प्रस्ताव पर मतदान टाले जाने के बाद भारत ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्च में ब्रुसेल्स दौरे पर मुहर लगा दी। सीएए को लेकर ईयू संसद में प्रस्ताव को लेकर ताजा फैसले को भारत की कूटनीतिक जीत बताया जा रहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘हमने यूरोपीय संघ की संसद में आज मतदान करने के लिए नागरिकता संशोधन का कानून (सीएए) के प्रस्ताव को नहीं रखने के फैसले का संज्ञान लिया है। हमने यूरोपीय आयोग के स्पष्टीकरण पर ध्यान दिया है कि यूरोपीय संसद और उसके सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई राय यूरोपीय संघ की आधिकारिक स्थिति का प्रतिनिधित्व नहीं करती है।’

विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमारे राजनयिक इस मुद्दे पर ईयू संसद के सदस्यों के साथ संवाद जारी रखेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने दोहराया कि सीएए हमारा आतंरिक मामला है। ईयू संसद में प्रस्ताव लाए जाने को लेकर भारत ने भारी विरोध किया था। भारत सरकार ने इस प्रस्ताव का सख्त विरोध किया था और इसे अपने आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करार दिया था। इस मुद्दे पर भारत को कई और देशों का साथ मिल गया।

ऐसे में बने दबाव के कारण नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ यूरोपीय संसद (ईपी) में पेश पांच विभिन्न संकल्पों से संबंधित संयुक्त प्रस्ताव पर मतदान मार्च तक टाल दिया गया। पहले प्रस्ताव पर बुधवार को बहस के बाद गुरुवार को मतदान होना था। पाकिस्तान ने कुछ यूरोपीय मित्र देशों की मदद से प्रस्ताव पर मतदान कराने की कोशिश की थी।

यूरोपीय संसद की तरफ से जारी बयान में कहा गया, ‘ब्रुसेल्स में सत्र शुरू होने पर यूरोपीय संसद के सदस्यों (एमईपी) द्वारा लिए गए फैसले के बाद सीएए पर पेश प्रस्ताव पर मतदान को मार्च तक टाल दिया गया।’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले महीने संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) देश का आंतरिक मामला है और इसका उद्देश्य पड़ोसी देशों में उत्पीड़न का शिकार अल्पसंख्यकों को संरक्षण प्रदान करना है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने यूरोपीय आयोग के उस स्पष्टीकरण को देखा है कि यूरोपीय संसद के विचार समूह के आधिकारिक रूख को प्रदर्शित नहीं करते। उन्होंने कहा, ‘जैसा कि मैंने पहले भी कहा है कि सीएए भारत का आंतरिक मामला है। इसे उपयुक्त प्रक्रिया और लोकतांत्रिक रूप से अंगीकार किया गया है।’ उन्होंने कहा कि हम यूरोपीय संसद के सदस्यों के साथ संवाद जारी रखेंगे।

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