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नागरिकता कानून के विरोध को लेकर दिल्ली में उग्र हुआ प्रदर्शन, जामिया नगर में तीन बसें फूंकी

नागिरकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का यही प्रदर्शन हिंसक हो गया।

CAAदिल्ली में प्रदर्शनकारियों ने बसों में आग लगा दी। (REUTERS)

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन उग्र हो गए हैं। खबर आयी है कि दिल्ली के जामिया नगर इलाके में उग्र प्रदर्शनकरियों ने तीन बसों में आग लगा दी है। बता दें कि नागिरकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली की जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का यही प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारी छात्रों ने 3 बसों को आग लगा दी। जब आग बुझाने के लिए दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर पहुंची, तो प्रदर्शनकारियों ने इन गाड़ियों पर भी हमला कर दिया, जिसमें एक फायरमैन को चोटें आयी हैं।

जामिया के छात्रों ने आज शाम दक्षिणी दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। सुरक्षाबलों ने जब प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया तो उनकी प्रदर्शनकारियों से भिड़ंत हो गई। इस दौरान सुरक्षाबलों ने प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठी चार्ज किया।

नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देशभर में हो रही घटनाओं के बारे में जानें ताजा अपडेट

पुलिस द्वारा बल प्रयोग के बाद प्रदर्शनकारियों ने कई कारों और तीन बसों में आग लगा दी। प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, कुछ असामाजिक तत्वों ने इस प्रदर्शन में शामिल इसे उग्र बना दिया। हिंसा के बाद पुलिस ने दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कालोनी में एहतियातन वाहनों की आवाजाही रोक दी है। इसके अलावा प्रदर्शन के चलते कई अन्य रास्तों पर भी रूट डायवर्ट कर दिया है।

पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि उनसे प्रदर्शन की गंभीरता को समझने में चूक हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हमें अनुमान था कि 100-200 लोगों की भीड़ होगी, लेकिन प्रदर्शन में करीब 1000 लोगों से ज्यादा की भीड़ थी। इनमें छात्र और आम लोग भी शामिल थे।

गौरतलब है कि शनिवार को भी जामिया के छात्रों ने नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ यूनिवर्सिटी कैंपस से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन मार्च निकाला था। इस दौरान भी उनकी दिल्ली पुलिस के साथ झड़प हुई थी, जिसमें कई छात्र और पुलिसकर्मी घायल हुए थे। दिल्ली के अलावा उत्तर पूर्वी राज्यों में भी इस कानून के खिलाफ हिंसा हुई थी। अब बंगाल में भी इसके खिलाफ हिंसा जारी है।

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