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लंदन में गिरफ्तारी के 3 घंटे बाद ही बिजनेसमैन विजय माल्या को मिल गई बेल

Vijay Mallya Arrested: विजय माल्या दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स के मालिक हैं। राज्यसभा सांसद रहे विजय माल्या की एफ 1 टीम भी है।

ED Vijay mallya, Vijay mallya news, Vijay mallya latest news, Vijay mallya Hindi news, mallya PMLA caseशराब कारोबारी विजय माल्या। (reuters file photo)

लोन डिफॉल्ट मामले में भगोड़े बिजनेसमैन विजय माल्या को लंदन में बेल मिल गई है। इससे पहले उन्हें अरेस्ट कर लिया गया था। वेस्टमिंस्टर कोर्ट के आदेश के बाद स्कॉटलैंड यार्ड से शराब व्यापारी को गिरफ्तार किया गया था। कहा जा रहा है कि जल्द ही उन्हें भारत भी प्रत्यर्पित किया जा सकता है। भारत सरकार के पास ब्रिटिश सरकार ने जो संदेश भेजा था, उसमें लिखा था कि मोदी सरकार ने जो प्रत्यर्पण की अर्जी दी थी, उसके बाद माल्या को गिरफ्तारी की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सीबीआई कुछ दिनों में लंदन जाकर अपना केस पेश करेगी।

माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस पर 17 बैंकों का नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा लोन बकाया है। उन्होंने पिछले साल दो मार्च को देश छोड़ दिया था। विजय माल्या दुनिया की सबसे बड़ी शराब कंपनी यूनाइटेड स्पिरिट्स के मालिक हैं। राज्यसभा सांसद रहे विजय माल्या की एफ 1 टीम भी है।

भारत ने भगोड़े उद्योगपति विजय माल्या के प्रत्यर्पण के लिए 9 फरवरी को ब्रिटेन को आग्रह पत्र सौंपा था, जो कर्ज अदायगी में चूक और अन्य वित्तीय अनियमितताओं का सामना कर रहे हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा था कि विजय माल्या के प्रत्यर्पण का आग्रह ब्रिटेन के उच्चायोग को सौंपा जो हमें सीबीआई से प्राप्त हुआ था। ब्रिटेन से आग्रह किया है कि भारत में सुनवाई का सामना करने के लिए उनका प्रत्यर्पण करें। उन्होंने कहा कि माल्या के खिलाफ भारत का ‘वैध’ मामला है और अगर प्रत्यर्पण आग्रह का सम्मान किया जाता है तो यह ‘हमारी चिंताओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता’ को दर्शाएगा। भारत ने पिछले साल नवंबर में ब्रिटेन से शराब कारोबारी विजय माल्या सहित करीब 60 वांछित लोगों को प्रत्यर्पित करने को कहा था।

इतनी लंबी और जटिल प्रक्रिया के बाद भारत आएंगे माल्या:

-भारत और ब्रिटेन के बीच जो प्रत्यर्पण संधि है, वह काफी जटिल है। ब्रिटेन की दुनिया के करीब 100 मुल्कों के साथ प्रत्यर्पण संधि है। यह प्रक्रिया काफी लंबी है। भारत इस संधि में कैटिगरी 2 के टाइप बी वाले मुल्कों में शामिल है।

-सबसे पहले विदेश मंत्रालय से आग्रह किया जाएगा, जो इस बात का फैसला करता है कि इसे सर्टिफाई किया जाए या नहीं।

-जज फैसला करता है कि शख्स के अरेस्ट के लिए वॉरंट जारी किया जाए या नहीं। इसके बाद शुरुआती सुनवाई होगी। इसके बाद प्रत्यर्पण की सुनवाई होगी।

-इसके बाद विदेश मंत्री तय करता है कि प्रत्यर्पण का आदेश दिया जाए या नहीं। आग्रह करने वाले देश को क्राउन प्रॉसिक्युशन सर्विस (सीपीएस) को आग्रह का शुरुआती मसौदा सौंपने के लिए कहा जाता है, ताकि बाद में कोई दिक्कत न हो।

-अगर कोर्ट स्वीकार कर लेता है कि पूरी जानकारी मुहैया करा दी गई है तो गिरफ्तारी का वॉरंट जारी किया जाएगा। इसमें उस शख्स से जुड़ी सारी जानकारी होती है।

-गिरफ्तारी के बाद शुरुआती सुनवाई और प्रत्यर्पण सुनवाई होती है। इसके बाद जज संतुष्ट होता है तो मामले को विदेश मंत्रालय को बढ़ा दिया जाता है।

-इसके बावजूद जिसके प्रत्यर्पण पर बातचीत हो रही है, वो शख़्स मामला विदेश मंत्रालय को भेजने के जज के फ़ैसले पर अपील कर सकता है।

-अहम बात है कि विदेश मंत्रालय को मामला भेजने के दो महीने के भीतर फैसला करना होता है। ऐसा ना होने पर व्यक्ति रिहा करने के लिए आवेदन कर सकता है। हालांकि विदेश मंत्री अदालत से फैसला देने की तारीख आगे बढ़वा सकता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद भी शख्स के पास हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अधिकार रहता है। यानी विजय माल्या को भारत लाने की प्रक्रिया काफी जटिल है।

देखिए विजय माल्या की अकूत दौलत का नजारा:

माल्या की गिरफ्तारी पर स्कॉटलैंड यार्ड का आधिकारिक ई-मेल:

Officers from the Metropolitan Police’s Extradition Unit have this morning, Tuesday 18 April arrested a man on an extraction warrant.Vijay Mallya, 61 (18/12/1955), was arrested on behalf of the Indian authorities in relation to accusations of fraud.He was arrested after attending a central London police station, and will appear at Westminster Magistrates’ Court later today, 18 April.

देखिए विजय माल्या की कारों का कलेक्शन:

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