स्वदेशी बुलेट ट्रेन बी-28 का उत्पादन बंगलुरु में किया जाएगा। इन ट्रेनों का निर्माण सवारी डिब्बा कारखाना (आइसीएफ), चेन्नई और भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीइएमएल) मिलकर करेंगे। इन ट्रेनों के निर्माण के लिए ‘आदित्य’ विशेष परिसर तैयार किया गया है। शनिवार को बीइएमएल के तिप्पासांद्रा कैंपस के दौरे के दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च गति रेल के निर्माण के लिए समर्पित इस विशेष परिसर का उद्घाटन किया।
इस दौरान मंत्री ने कहा कि उच्च गति रेल तकनीक बेहद जटिल और पेचीदा होती है। देश के भीतर इसका विकास स्वदेशी अभियांत्रिकी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। नवनिर्मित ‘आदित्य’ परिसर को विशेष रूप से तैयार किया गया है। यहां आइसीएफ और बीइएमएल द्वारा मिलकर इन ट्रेनों को तैयार किया जाएगा। इस परिसर में विशेष रूप से रोबोटिक लेजर वेल्डिंग सिस्टम समेत कई आधुनिक और हाई-प्रिसिजन मशीनों की सुविधा दी गई है। वहीं अन्य अधिकारी ने बताया कि इन ट्रेनों का निर्माण 250 किमी या इससे अधिक गति से चलने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि यहां तैयार होने वाली ट्रेन आने वाले समय में लोगों के यात्रा का अनुभव को बदल देगी।
रेल मंत्री ने क्या कहा?
वहीं रेल मंत्री ने कहा कि ट्रेनों की सुविधा बेहतर होने से बड़े शहरों के बीच संपर्क बेहतर होगा। चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा के समय का घटकर करीब 73 मिनट रह जाने की उम्मीद है। इससे ये दोनों शहर प्रभावी रूप से एक ही एकीकृत केंद्र (हब) का हिस्सा बन जाएंगे।
वहीं नई सेवाओं के बारे में बताते हुए रेल मंत्री ने कहा कि मुंबई और बंगलुरु के लिए दो नई सेवाओं की शुरुआत से कनेक्टिविटी में और अधिक सुधार होगा। हुबली के रास्ते एक नई मेल एक्सप्रेस शुरू की जाएगी, जिसमें एलएचबी कोच लगे होंगे। इसके अलावा, एक वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस की सेवाएं भी जल्द शुरू होंगी।
क्या है तैयारी?
क्षेत्रीय संपर्क के मुद्दे पर मंत्री ने बताया कि मंगलुरु और बेंगलुरु के बीच वंदे भारत सेवा जल्द शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस सेवा की योजना बनाते समय, इसे लागू करने से पहले मडगांव और कर्नाटक के अन्य तटीय शहरों को जोड़ने पर भी पूरा ध्यान दिया गया है। उन्होंने कहा कि तकनीकी बाधाएं दूर कर ली गई हैं, जिनमें हसन-मंगलुरु सेक्शन पर विद्युतीकरण का काम पूरा होना और ऊंची-नीची तटीय ढलानों पर सुरक्षा के लिए स्वचलित आपातकालीन ब्रेकिंग (एइबी) सिस्टम को शामिल करना शामिल है।
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