रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि वाराणसी से पटना के रास्ते सिलीगुड़ी के लिए बुलेट ट्रेन चलाई जाएगी। यह बिहार के लिए बहुत बड़ा गेंम चेंजर होगा। इससे बिहार की अर्थव्यवस्था को लाभ होगा। बुलेट ट्रेन के जरिए वाराणसी से सिलीगुड़ी सिर्फ दो घंटे 55 मिनट में पहुंचा जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि दिल्ली से वाराणसी के लिए भी कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसलिए इसकी कनेक्टिविटी राष्ट्रीय राजधानी से भी हो जाएगी। यह पूर्वोत्तर के लिए इकोनोमिक कॉरिडोर की भूमिका अदा करेगा।
चिकन नेक एरिया में बिछाए जाएंगे अंडर ग्राउंड ट्रैक
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 40 किलोमीटर लंबे रणनीतिक कॉरिडोर के साथ अंडरग्राउंड रेलवे ट्रैक बिछाने की योजना बनाई जा रही है। यह नॉर्थ ईस्ट को बाकी भारत से जोड़ेगा। सिलीगुड़ी से गुजरने वाले अहम इलाके को अक्सर ‘चिकन नेक’ कहा जाता है।
नॉर्थईस्ट फ्रंटियर रेलवे (NFR) के जनरल मैनेजर चेतन कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि अंडरग्राउंड लाइनें पश्चिम बंगाल में टिन माइल हाट और रंगपानी रेलवे स्टेशनों के बीच होंगी। सुरक्षा की दृष्टि से यह अंडरग्राउंड हिस्सा महत्वपूर्ण है।
सालाना बजट में रेलवे के लिए क्या ऐलान हुए?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड कॉरिडोर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के डानकूनि और गुजरात के सूरत के बीच एक नए माल ढुलाई कॉरिडोर का प्रस्ताव रखा। सीतारमण के अनुसार, प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर मुंबई-पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच विकसित किए जाएंगे।
रविवार को रेल मंत्री कहा कि वित्त मंत्री ने रेलवे के लिए 27 लाख करोड़ रुपये की सहायता और कुल 29 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की घोषणा की है। इसमें से 12 लाख करोड़ रुपये यात्रियों और परिचालन सुरक्षा में सुधार के लिए निवेश किए जाएंगे।
वैष्णव के अनुसार, चेन्नई-बेंगलुरु-हैदराबाद कॉरिडोर एक दक्षिणी हाई-स्पीड त्रिकोण का निर्माण करेंगे, जिससे केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों के साथ-साथ केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि चेन्नई-बेंगलुरु, बेंगलुरु-हैदराबाद और चेन्नई-हैदराबाद के बीच यात्रा का समय क्रमशः एक घंटा 13 मिनट, दो घंटे और दो घंटे 55 मिनट तक कम हो जाएगा।
मुंबई-पुणे हाई-स्पीड कॉरिडोर के बारे में बात करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र 48 मिनट रह जाएगा, जबकि पुणे-हैदराबाद कॉरिडोर से यात्रा का समय घटकर एक घंटा 55 मिनट हो जाएगा। उत्तर भारत में हाई-स्पीड कॉरिडोर के बारे में जानकारी देते हुए वैष्णव ने बताया कि लोग दिल्ली से वाराणसी के बीच की यात्रा मात्र तीन घंटे 50 मिनट में कर सकेंगे।
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