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बुलंदशहर में गोवंश मांस के नाम पर हिंसा, इंस्पेक्टर समेत 2 की मौत

मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है, जिससे 48 घंटे में रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।

ग्रामीणों ने कथित गोवंश को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया था, तभी अचानक उनका प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ ने इसके बाद पुलिस पर पथराव किया।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में सोमवार (तीन दिसंबर) को कथित तौर पर गोवंश का मांस मिलने के बाद हिंसा भड़क उठी। भीड़ और पुलिस के बीच हुई झड़प में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई पुलिसवाले व अन्य लोग जख्मी हुए। मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर आनंद कुमार ने शाम को इस मसले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कुमार बोले, “लोगों ने खेत से कथित तौर पर गोवंश का मांस बरामद होने को लेकर शिकायत की थी। उन्होंने उसे ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया था, तभी अचानक उनका प्रदर्शन हिंसक हो गया। भीड़ ने इसके बाद पुलिस पर पथराव किया। जवाब में उन्हें तितर-बितर करने के लिए पुलिसकर्मियों को भी लाठी चार्ज करना पड़ा।”

बकौल कुमार, “शुरुआती जांच के अनुसार, पुलिस इंस्पेक्टर की मौत किसी भोथरी चीज से हुई है। लेकिन वह किस चीज से हुई? इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से होगी। वहीं, सुमित नामक स्थानीय फायरिंग में गंभीर रूप से जख्मी हुआ। आनन-फानन में उसे मेरठ के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। जांच में पता लगाया जा रहा है कि किसने उसे गोली मारी।”

कॉन्फ्रेंस में उन्होंने आगे बताया, “उत्तेजित ग्रामीणों ने संभावित गोवंश के अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्रॉली में रखकर स्याना गढ़ रोड को ब्लॉक कर दिया। ग्रामीणों को अधिकारियों ने समझाने की कोशिश की, पर जाम हटाने को लेकर वे उग्र हो गए। तीन गांव (महाव, नया बांस व चिंगरावटी) के तकरीबन 400 लोग थे, जो वहां जमा हुआ था। चौकी के पास 15 वाहन क्षतिग्रस्त किए गए। पुलिस को ऐसे में हवाई फायरिंग करनी पड़ी। ग्रामीणों की तरफ से भी कट्टे से फायरिंग हुई। उसी दौरान इंस्पेक्टर के सिर में कोई बड़ी सी चीज लगी थी, जिससे उनके सिर में चोट लगी। पर अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही उनकी मृत्यु का कारण पता लगेगा।”

Bulandshahar 7 पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर की मौत किसी नुकीली चीज लगने से हुई। वहीं, सुमित नामक स्थानीय को झड़प के दौरान गोली लगी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।

उनके मुताबिक, “कथित गोकशी के बाद पथराव में थाना प्रभारी और एक अन्य की मौत के मामले की जांच एडीजी इंटलीजेंस को सौंपी गई है। वह 48 घंटे के अंदर अपनी गोपनीय रिपोर्ट सौंपेंगे। हिंसा के मामले में पुलिस महानिरीक्षक मेरठ की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन हुआ है। जिलाधिकारी ने इसके अलावा मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। बुलंदशहर में घटना के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा गया, जबकि स्थिति नियंत्रण में बताई गई।”

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