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बुलंदशहर गैंगरेप: एसएसपी सहित कई आला अधिकारी सस्पेंड, विपक्ष ने अखिलेश सरकार को घेरा

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘यह कब समाप्त होगा? वे एक बेटी का सम्मान नहीं बचा सकते।'

Author बुलंदशहर | July 31, 2016 20:09 pm
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव मीडिया से बात करते हुए। (पीटीआई फाइल फोटो)

दिल्ली-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुलंदशहर बाईपास पर कार रोककर और उसमें से एक महिला और उसकी बेटी को खींचकर सामूहिक दुष्कर्म करने वाले लुटेरों की तलाश में पुलिस ने व्यापक अभियान छेड़ दिया है। मामले में 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है और मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गयी है। जबकि विपक्ष की आलोचनाओं से घिरे अखिलेश यादव ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसएसपी, एएसपी, सर्कल ऑफिसर और इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया है। एनएच-91 पर जा रहे नोएडा के परिवार के साथ शुक्रवार (29 जुलाई) को हुए इस भयावह हादसे के बाद पूरे देश में आका्रेश का माहौल है और विपक्षी दलों ने रविवार (31 जुलाई) को अखिलेश यादव सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में ‘गुंडा राज’ अपने चरम पर है।

आलोचनाओं से घिरे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वारदात को बेहद गम्भीरता से लेते हुए बुलंदशहर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को घटना के दोषियों को गिरफ्तार करने के लिए 24 घण्टे की मोहलत दी है। उन्होंने इलाके के पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रधान सचिव, गृह, देवाशीष पांड और पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद को भी मामले पर नजर रखने का निर्देश दिया है। एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि मामले में दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई के माध्यम से ऐसी सजा दिलायी जाए कि भविष्य में कोई भी ऐसा दु:साहस करने के बारे में सोच भी ना सके।

बुलंदशहर के एसएसपी वैभव कृष्ण ने कहा कि विशेष कार्य बल के 15 दलों को काम पर लगाया गया है और आरोपियों की तलाश में बुलंदशहर, मेरठ तथा अन्य जिलों में और दूसरे राज्यों में भी छापेमारी की जा रही है। एसएसपी ने कहा, ‘15 संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है। वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल बंजारा समुदाय का है। मामले में पर्दाफाश करने के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं।’ शुक्रवार (29 जुलाई) रात को घटी घटना के सिलसिले में संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। परिवार कार से नोएडा से शाहजहांपुर जा रहा था। लुटेरों के गिरोह ने कार में जा रहे परिवार का रास्ता रोका, उसमें से महिला और उसकी 13 साल की बेटी को खींचकर पास के खेत में ले गए और उनके साथ दुष्कर्म किया, वहीं पुरुषों को रस्सियों से बांध दिया। उनसे नगदी, आभूषण और मोबाइल फोन भी लूट लिए गए। बाद में बच निकलने में सफल रहे एक परिजन ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।

एसएसपी ने बताया कि कोतवाली देहात के एसएचओ रमेश से मामले का प्रभार ले लिया गया है और मामले में उनकी लापरवाही का पता चलने के बाद उन्हें सक्रिय कामकाज से हटा दिया गया है। मामले का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने कहा कि उसने एक सदस्य को उत्तर प्रदेश में पीड़िताओं और अधिकारियों से मिलने भेजा है लेकिन साथ ही यह भी कहा कि ऐसे मामलों में उसे राज्य प्रशासन से बहुत कम सहयोग मिलता है। बसपा, भाजपा और कांग्रेस ने चुनाव वाले राज्य में सपा सरकार पर निशाना साधा और उसे हटाये जाने की मांग की।

केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने अखिलेश यादव सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘यह कब समाप्त होगा? यह दिखाता है कि राज्य सरकार हर मोर्चे पर विफल हो गई है। वे एक बेटी का सम्मान नहीं बचा सकते। यह शर्मनाक है और उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।’ बसपा नेता सुधींद्र कुलकर्णी ने राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़ा करते हुए कहा, ‘शर्मनाक बात है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं और आम नागरिकों के सम्मान की रक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए।’ उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में पूरी तरह अराजकता की स्थिति साबित करती है कि अखिलेश यादव की सरकार में गुंडा राज चरम पर है। उत्तर प्रदेश में माताएं, बेटियां कोई भी सुरक्षित नहीं है।’

बसपा अध्यक्ष मायावती ने कहा, ‘सपा सरकार और उसके मुखिया को जनता को बताना चाहिए कि क्या वह इतने दर्दनाक और जघन्य अपराध में महिलाओं की गरिमा को वापस लौटा सकते हैं।’ उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में पूरी तरह जंगल-राज है और आपराधिक तत्व आजादी से घूम रहे हैं। घटना को बर्बरतापूर्ण बताते हुए कांग्रेस ने कहा कि राज्य सरकार को मामले में निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘सपा और अखिलेश सरकार इस पर क्या करने जा रही है? कृपया निर्णायक कार्रवाई कीजिए और जल्द से जल्द अपराध करने वालों को सजा दी जाए।’ लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि पांडा और डीजीपी घटनास्थल से तलाशी अभियान पर नजर रखेंगे। मुख्यमंत्री ने इन अधिकारियों को बुलंदशहर पहुंचने का निर्देश दिया है। वे विशेष दलों के तलाशी अभियान पर नजर रखेंगे। डीजीपी ने ट्वीट किया, ‘बुलंदशहर की भयावह घटना एक चुनौती है। सारे संसाधन लगा दिए गए हैं। उपयोगी सुराग खोजे जा रहे हैं।’

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