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बुलंदशहर हिंसा पर सीएम योगी की हाई लेवल मीटिंग: प्रेस नोट में गोकशी का जिक्र, ‘गोरक्षकों’ और उनकी हिंसा का नहीं

बुलंदशहर हिंसा मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की प्रेस नोट में गोकशी के खिलाफ सख्‍ती का जिक्र है, लेकिन कहीं भी स्‍पष्‍ट रूप से गोरक्षा के नाम पर हिंसा पर लगाम लगाने या 'गोरक्षकों' के रूप में हिंसा करने वालों पर अंकुश लगाने का स्‍पष्‍ट जिक्र नहीं किया गया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( फोटो सोर्स: एक्सप्रेस आर्काइव)।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पर हुई उच्च अधिकारियों के साथ बैठक में बुलंदशहर में कानून-व्यवस्था के मसले पर बातचीत की। लखनऊ स्थित उनके आवास पर हुई बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव गृह, खुफिया विभाग के अपर पुलिस महानिदेशक मौजूद थे। इस बैठक में क्‍या हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सरकार की ओर से एक प्रेस नोट जारी कर दी गई। प्रेस नोट में गोकशी के खिलाफ सख्‍ती का जिक्र है, लेकिन कहीं भी स्‍पष्‍ट रूप से गोरक्षा के नाम पर हिंसा पर लगाम लगाने या ‘गोरक्षकों’ के रूप में हिंसा करने वालों पर अंकुश लगाने का स्‍पष्‍ट जिक्र नहीं किया गया है। आखिर में एक लाइन यह जरूर लिखा गया है- “उन्होंने (मुख्यमंत्री) यह भी निर्देश दिए हैं कि अभियान चलाकर माहौल खराब करने वाले तत्वों को बेनकाब कर इस प्रकार साजिश रचने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए।”

गोकशी के बारे में प्रेस नोट में कई बार जिक्र है। इसका जिक्र करते हुए लिखा गया है- “मुख्यमंत्री जी ने इस घटना की समीक्षा कर निर्देश दिए कि इसकी गंभीरता से जांच कर गोकशी में संलिप्त सभी व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि घटना एक बड़े षडयंत्र का हिस्सा है। अत: गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सभी तत्वों को समयबद्ध रूप से गिरफ्तार किया जाए।” जबकि, प्रेस नोट में बुलंदशहर के स्‍यान में हुई हिंसा में मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का भी अलग से ज‍िक्र नहीं है।

प्रेस नोट के मुताब‍िक योगी आदित्य नाथ ने हिंसा में मारे गए सुमित के परिजनों को सीएम राहत कोष से 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। इसके अलावा अफसरों से गोहत्या के तार खंगालने के लिए कहा। उन्होंने बुलंदशहर की घटना को बड़े षडयंत्र का हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोकशी से संबंध रखने वाले प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करके गिरफ्तार किया जाए। सरकार द्वारा जारी प्रेस नोट ये है:

4 अगस्त को जारी यूपी सरकार का प्रेसनोट

गौरतलब है कि 19 मार्च 2017 से अवैध स्लॉटर हाउस बंद कर दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे अवैध काम नहीं होने दें। योगी सरकार पहले ही गाय के नाम पर हो रहे बवाल के संदर्भ में आलोचना झेल रही है। फैक्ट्स-चेकर के एक आंकड़े के मुताबिक जब से योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है, तब से गाय के नाम पर हिंसक गतिविधियों में इजाफा हुआ है। 2018 में गाय के नाम पर 11 बवाल हो चुके हैं और इनमें 4 लोगों की मौत हो चुकी है।

क्‍या है बुलंदशहर की घटना: 3 दिसंबर को पश्चिम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के स्याना में गोवंश के अवशेष मिलने की अफवाह फैली। जिसके बाद लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई और बवाल काटना शुरू कर दिया। इस दौरान उग्र भीड़ को कंट्रोल करने के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की मौत हो गयी। साथ ही एक 20 वर्षीय सुमित नाम का लड़का भी मारा गया। प्रदेश सरकार ने मामले की जांच एसआईटी को सौंप दी है। अभी तक 27 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। मामले में पुलिस ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। जबकि, मुख्य आरोपी योगेश राज की तलाश अभी भी जारी है। जानकारी के मुताबिक योगेश राज का संबंध बजरंग दल से है।

बुलंदशहर हिंसा में मारे गए पुलिस अधिकारी सुबोध सिंह का शोकग्रस्त परिवार. (फोटो सोर्स: पीटीआई)

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