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बुलंदशहर हिंसा: केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने इज्‍तिमा के नाम पर लाखों मुसलमानों के जुटान पर उठाया सवाल

केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने कहा, "तब्लिगी इज्तेमा के कार्यक्रम में 10 से 15 लाख लोग जुटे हुए थे। इसके लिए 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में टेंट लगाया गया था। पूरी बैठक गोपनीय और संदिग्ध माहौल में हो रही थी। यहां तक कि इस कॉन्क्लेव में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर भी मनाही थी।"

केंद्रीय मंत्री उमा भारती (एक्सप्रेस फाइल फोटो: अमित मेहरा)

बुलंदशहर हिंसा को लेकर राजनेताओं की बयानबाजियां जोर पकड़ने लगी हैं। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने हिंसा के दौरान आलमी तब्लीगी इज्तिमा के कार्यक्रम को निशाने पर लिया है। उन्होंने कार्यक्रम में जुटे लाखों मुसलमानों और वहां की गोपनीय प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उमा भारती ने कहा, “तब्लीगी इज्तिमा के कार्यक्रम में 10 से 15 लाख लोग जुटे हुए थे। इसके लिए 6 से 7 किलोमीटर के दायरे में टेंट लगाया गया था। पूरी बैठक गोपनीय और संदिग्ध माहौल में हो रही थी। यहां तक कि इस कॉन्क्लेव में मीडियाकर्मियों के प्रवेश पर भी मनाही थी। यह इशारा करता है कि जिस जिले में इज्तिमा हो रहा था। वहीं, पर क्यों हिंसा की वारदात हुई।

उमा भारती ने बुलंदशहर में गाय के नाम पर पुलिस इंस्पेक्टर की हत्या को लेकर दुख जाहिर किया और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “घटना की गहराई से जांच होनी चाहिए और यह सही है कि योगी सरकार ने तत्काल मामले में एसआईटी टीम को जांच का जिम्मा सौंप दिया है।” योगी सरकार मामले में इंस्पेक्टर सुबोध के परिजनों को 50 लाख रुपये और सुमित के परिवार को 10 लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का ऐलान किया है।

मुस्लिम इज्तिमा पर ऐसा नहीं है कि सिर्फ उमा भारती ने सवाल खड़े किए हैं। इससे पहले बीजेपी के दूसरे नेता भी इज्तिमा पर बयानबाजी कर चुके हैं। पहली बार बुलंदशहर के सासंद भोला सिंह ने हिंसा के लिए इज्तिमा को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि इज्तिमा को लेकर पुलिस को अंधेरे में रखा गया। अनुमान से ज्यादा भीड़ जुटी और अव्यवस्था फैलाने का काम की। हिंसा फैलने की यह बड़ी वजह रही। गौरतलब है कि बुलंदशहर में गोकशी की खबर के बाद फैली हिंसा में हालात को संभाल रहे इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की मौत हो गयी। इस दौरान 20 साल के सुमित नाम के शख्स की भी मृत्यु हो गयी। मामले में पुलिस आरोपियों को गिरप्तार करने मे  जुटी है। अभी तक 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि, बजरंगदल से ताल्लुक रखने वाला मुख्य आरोपी योगेश राज अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

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