सोमवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने डोकलाम से जुड़ा एक मुद्दा उठाया। राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे, डोकलाम और चीन का जिक्र किया, जिस पर सदन में हंगामा हो गया। इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष ने हंगामा करते हुए कहा कि राहुल गांधी जिस संस्मरण का जिक्र कर रहे हैं वह अभी प्रकाशित नहीं हुआ है। एक पत्रिका ने दावा किया है कि वह नरवणे की प्रस्तावित किताब का मसौदा देखा है और उसका कुछ कथित अंश प्रकाशित किया है।

इस सबके बीच समाजवादी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का मुद्दा संवेदनशील है।

राहुल ने जैसे ही चीन के मुद्दे पर थलसेना के पूर्व प्रमुख नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का जिक्र किया, उस पर सत्ता पक्ष की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई। इस सबके बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “चीन का मुद्दा बहुत संवेदनशील है, अध्यक्ष महोदय मुझे लगता है कि अगर कोई सुझाव देश हित में है तो नेता प्रतिपक्ष को पढ़ देना चाहिए। यह बहुत सेंसेटिव है। मुझे याद है कि नेताजी, जॉर्ज फर्नांडीज़, राम मनोहर लोहिया यह सब सब हमेशा जताते रहे कि चीन से सावधान रहने की जरूरत है।”

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सदन में एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण के ड्राफ्ट के कुछ अंश पढ़ने का प्रयास किया, जिस पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृहमंत्री अमित शाह ने विरोध जताया और फिर सदन में सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक एवं हंगामा देखने को मिला। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस नेता से कई बार यह अपील की कि वह पुस्तक या किसी पत्रिका को सदन में उद्धृत नहीं कर सकते, हालांकि राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख का हवाला देते हुए चीन के साथ भारत के सैन्य तनाव का विषय उठाने का प्रयास किया और दावा किया कि पूर्व सेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के चरित्र के बारे में भी बताया है।

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राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए अपने भाषण की शुरुआत में ही भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या के वक्तव्य का उल्लेख करते हुए पलटवार करने का प्रयास किया। उनका कहना था कि सूर्या ने कांग्रेस की देशभक्ति और चरित्र पर सवाल खड़े किए हैं इसलिए वह एक पूर्व सेना प्रमुख के उस संस्मरण के अंश को पढ़ना चाहते हैं जो एक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।

राहुल ने जैसे ही इसे पढ़ने का प्रयास किया तो राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि नेता प्रतिपक्ष को बताना चाहिए कि वह जिस पुस्तक का उल्लेख कर रहे हैं, वो प्रकाशित हुई है या नहीं। गृह मंत्री अमित शाह ने भी कहा कि सदन में पुस्तक और पत्रिका में प्रकाशित बातों को नहीं रखा जा सकता और नेता प्रतिपक्ष को व्यवस्था का पालन करना चाहिए। पढ़ें- लोकसभा में राहुल गांधी का भाषण शुरू होते ही सत्ता पक्ष ने क्यों किया हंगामा?

(भाषा के इनपुट के साथ)