केंद्रीय बजट पेश होने से पहले ही विपक्ष ने सरकार पर भरोसा न होने की बात कही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि मौजूदा सरकार से जनता को किसी बड़े राहत वाले बजट की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। उनका आरोप है कि अब तक आए बजट आम लोगों के बजाय गिने-चुने लोगों के फायदे के लिए बनाए गए हैं।

समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि जिस सरकार से पहले ही कोई उम्मीद नहीं है, उससे पेश होने वाले बजट से भी कुछ खास मिलने की संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले बजटों में आम जनता को फायदा नहीं मिला और सरकार को पहले यह देखना चाहिए कि उसने अपने वादे पूरे किए या नहीं। वहीं सपा सांसद राम गोपाल यादव ने साफ शब्दों में कहा कि उन्हें इस बजट से कोई उम्मीद नहीं है।

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कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार बजट पेश कर रही हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या इस बार छोटे उद्योगों, किसानों और मध्यम वर्ग को राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक हालत कमजोर है, निवेश घट रहा है और यह देखना होगा कि बजट सभी राज्यों के लिए बराबरी का होगा या नहीं।

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कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि रोजमर्रा की चीजें लोगों की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। सरकार को सब्सिडी और आर्थिक मदद बढ़ानी चाहिए, लेकिन महंगाई रोकने के लिए अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “भारत की अर्थव्यवस्था में बहुत ही गंभीर और संवेदनशील चुनौतियां हैं। पिछले एक दशक से नॉमिनल जीडीपी घट रही है। निजी निवेश हो नहीं रहा। जीडीए आ नहीं रहा। उम्मीद है कि वित्त मंत्री इस स्वीकार करते हुए इसपर रोडमैप बनाएंगी।”