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EPF पर TAX: दस हजार पाने वाले 25 साल के युवा को रिटायरमेंट पर लगेगी 34 लाख रुपए की चपत

अगर प्रस्‍ताव जिस रूप में बजट में पेश किया गया है, उसी रूप में लागू हुआ तो कम सैलरी पाने वालों को भी बड़ी चपत लगेगी।

प्रत्यक्ष कर (चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रतीक के तौर पर किया गया है)

वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में ईपीएफ से निकासी पर जो टैक्‍स लगाने का प्रस्‍ताव किया है, उसमें आगे क्‍या बदलाव होगा या प्रस्‍ताव ही वापस ले लिया जाएगा, इस बारे में अभी कुछ तय नहीं है। लेकिन इतना तय है कि अगर प्रस्‍ताव जिस रूप में बजट में पेश किया गया है, उसी रूप में लागू हुआ तो कम सैलरी पाने वालों को भी बड़ी चपत लगेगी। यह चपत कुल बचत का करीब 20 फीसदी बैठेगी।

पहले तो यह जानिए कि मूल रूप से बजट में वित्‍त मंत्री ने क्‍या प्रस्‍ताव रखा है। अरुण जेटली के बजट प्रस्‍ताव में लिखा है- In case of superannuation funds and recognized provident funds, including EPF, the same norm of 40% of corpus to be tax free will apply in respect of corpus created out of contributions made after 1.4.2016.

इसमें साफ कहा गया है कि 1 अप्रैल, 2016 के बाद ईपीएफ में जमा कुल रकम का 40 फीसदी टैक्‍स-फ्री रहेगा। इसमें यह नहीं कहा गया है कि केवल ब्‍याज की 60 फीसदी रकम पर टैक्‍स लगेगा। मूल बजट प्रस्‍ताव के मुताबिक निकासी के वक्‍त कुल रकम (मूलधन और ब्‍याज) के 60 फीसदी पर टैक्‍स लगेगा।

इस प्रस्‍ताव को ध्‍यान में रखते हुए बचत पर चपत का हिसाब लगाते हैं। हिसाब लगाने के लिए हम दस हजार रुपए बेसिक सैलरी का उदाहरण लेते हैं। यह मानते हुए कि ग्रॉस सैलरी 20 रुपए महीना है। यानी सालाना आय 2.40 लाख रुपए। यह एकदम शुरुआती सैलरी है।

अब अगर 16 मार्च, 2016 को आपकी उम्र 25 साल और बेसिक सैलरी 10 हजार रुपए (ग्रॉस सैलरी का आधा) है। अगर आपकी बेसिक सैलरी हर साल 10 फीसदी के दर से बढ़ती है। अगर आप और आपकी कंपनी हर महीने बेसिक सैलरी का 12-12 फीसदी ईपीएफ में जमा कराती है। और पूरे पीरियड के दौरान पीएफ पर ब्‍याज दर 8.8 फीसदी रहे तो अप्रैल 2016 से रिटायरमेंट (58 साल की उम्र) तक आपके पीएफ फंड में जमा राशि से करीब 18 लाख रुपए बतौर टैक्‍स काट लिए जाएंगे।

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