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कांग्रेस के साथ अब तक नहीं बनी बात, MP में बसपा सभी सीटों पर अकेले लड़ेगी चुनाव

रविवार को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने पीटीआई से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं कर रही है। वहीं कांग्रेस नेता मनक अग्रवाल का कहना है कि हमने कभी किसी पार्टी का नाम नहीं लिया।

मध्यप्रदेश में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा। (image source- express photo )

बीते दिनों मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने ऐलान किया था कि वह आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीटों का बंटवारा कर बसपा समेत अन्य क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन करने के लिए तैयार है, लेकिन लगता है कि कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन के मुद्दे पर बात नहीं बन पायी है। दरअसल खबर आयी है कि बसपा ने अकेले ही मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए तैयारी शुरु कर दी है और उसकी फिलहाल सभी 230 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की योजना है। बसपा ने उत्तर प्रदेश में यूनिट अध्यक्ष रामअचल राजभर का प्रमोशन करते हुए उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया है और मध्य प्रदेश का चार्ज भी रामअचल राजभर को ही सौंपा गया है।

रविवार को बसपा के प्रदेश अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद अहिरवार ने पीटीआई से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ कोई बातचीत नहीं कर रही है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुझे मीडिया के द्वारा पता चला कि कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि उनके और बसपा के बीच आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन के लिए बातचीत चल रही है। मैं साफ कर देना चाहता हूं हम राज्य स्तर पर किसी के साथ बातचीत नहीं कर रहे हैं और मुझे लगता है कि राष्ट्रीय स्तर पर भी अभी तक ऐसी कोई बातचीत नहीं हुई है। फिलहाल जो स्थिति है, उसके अनुसार हम सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। मुझे शीर्ष नेतृत्व से भी इस विषय में कोई निर्देश नहीं दिया गया है।

गौरतलब है कि बसपा ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी जोर-शोर से शुरु कर दी है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने मध्य प्रदेश को संगठन के स्तर पर 4 जोनल यूनिट भोपाल, इंदौर, रीवा और ग्वालियर में बांटा है। इन जोनल यूनिट की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेताओं को दी गई है, जो कि विभिन्न जाति और वर्ग से आते हैं। इसके अलावा बसपा बूथ लेवल पर भी कमेटियां गठित कर राज्य में अपनी पकड़ मजबूत बनाना चाहती है। कई पदाधिकारियों को बदला गया है और सभी नेताओँ की जवाबदेही तय की गई है। हाल ही में लखनऊ में बसपा के सभी राज्यों के नेताओं की एक बैठक आयोजित हुई थी, जिसकी अध्यक्षता मायावती ने की थी। बीते दिनों बसपा अध्यक्ष ने अपने एक बयान में साफ कहा था कि यदि उन्हें गठबंधन में उचित सीटें दी जाएंगी, तभी वह गठबंधन का हिस्सा बनेंगी, वरना वह अकेले दम पर चुनाव लड़ने को प्राथमिकता देंगी।

उल्लेखनीय है कि बसपा द्वारा मध्य प्रदेश में अकेले चुनाव लड़ने की खबरों के बीच कांग्रेस ने सफाई दी है। कांग्रेस की मीडिया सेल के नेता मनक अग्रवाल का कहना है कि हमने कभी किसी पार्टी का नाम नहीं लिया। कांग्रेस ने सिर्फ यह कहा था कि हम ‘समान विचारधारा’ वाली पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने की कोशिश करेंगे। हमने बसपा का नाम नहीं लिया था।

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