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सीमा के पास रक्षा तैयारियां पुख्ता कर रहा पाक, बीएसएफ ने गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो नए आयुध भंडार बनाए हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, एक आयुध भंडार जैसलमेर के दूसरी तरफ रहीम यार खां इलाके में है तो दूसरा पंजाब-राजस्थान की सुरक्षा चौकियों के दूसरी तरफ बनाया गया है।

फाइल फोटो।

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने गृह मंत्रालय को भेजी अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि सीमावर्ती इलाकों में पाकिस्तान अपनी रक्षा तैयारियां मजबूत कर रहा है। सीमा से सटे एक इलाके में पाकिस्तान ने नए आयुध भंडार, हेलिपैड और बंकर बनाए हैं। दूसरी ओर, उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में अपनी फौज की संचार प्रणाली मजबूत करने के लिए नई आप्टिकल फाइबर लाइन बिछाने का काम पूरा कर लिया है। आतंकी लॉन्च पैड्स पर विशेष पोशाक (एंटी थर्मल डिवाइस से लैस पोशाक) भेजी गई है, जो घुसपैठ के दौरान सीमा पर थर्मल बाड़बंदी की पकड़ में नहीं आतीं। हाल में जम्मूवाल सीमा चौकी से आतंकवादियों की घुसपैठ कराने के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स के जवानों और आतंकियों ने ऐसे जैकेट पहन रखे थे, जिनकी तस्वीरें ‘थर्मल-इमेजिंग डिवाइस’ में कैद नहीं हुई थीं। बाद में वीडियो के विश्लेषण से इस जैकेट के बारे में पता चला।

पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो नए आयुध भंडार बनाए हैं। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के मुताबिक, एक आयुध भंडार जैसलमेर के दूसरी तरफ रहीम यार खां इलाके में है तो दूसरा पंजाब-राजस्थान की सुरक्षा चौकियों के दूसरी तरफ बनाया गया है। दोनों चौकियां लगभग 37 से 40 किलोमीटर की दूरी पर बनाई गई हैं, जहां पाकिस्तान ने हेलीपैड, बंकर व मिसाइल दागने की प्रणाली भी लगा रखी है। इन तैयारियों के बारे में सीमा सुरक्षा बल ने गृह मंत्रालय को भेजी अपनी ताजा पाक्षिक रिपोर्ट में जानकारी दी है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, सीमा पर सुरक्षा में तैनात सेना व अर्द्धसैनिक बलों की ओर से साप्ताहिक, पाक्षिक व मासिक रिपोर्ट गृह मंत्रालय को भेजी जाती है, जिनके आधार पर हालात का विश्लेषण किया जाता है। इस तरह की रिपोर्ट के आधार पर नियमित बैठकों में फैसले लिए जाते हैं।

प्रवक्ता ने सीमा सुरक्षा बल की रिपोर्ट के हवाले से बताया, ‘इन आयुध भंडारों व बंकरों को बनाने की तैयारियां इस तरह की हैं कि उनसे किसी भी हवाई हमले का जवाब दिया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार मिसाइल हमला किया जा सकता है।’ इसके अलावा पाकिस्तानी सेना ने चीन की मदद से अपनी संचार प्रणाली को बेहतर करने के लिए रावलपिंडी से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर तक आॅप्टिकल केबल बिछाने का काम पूरा कर लिया है। इस नेटवर्क का इस्तेमाल सीमा पर आतंकियों के लांच पैड्स के साथ समन्वयन में भी किया जा रहा है।

इन लांच पैड्स में रखे गए आतंकी समूहों को ऐसी विशेष पोशाकें (एंटी थर्मल डिवाइस से लैस पोशाकें) मुहैया कराई गई हैं, जो सीमा पर लगाए गए थर्मल बाड़बंदी को चकमा दे सकती हैं। भारत ने नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ‘थर्मल-इमेजिंग डिवाइस’ लगा रखी है, जिससे रात के अंधेरे में घुसपैठ की कोशिश करने वाले आतंकियों की गतिविधियां उनके शरीर के तापमान की मदद से खींची गई तस्वीरों में कैद हो जाती हैं। इन विशेष जैकेटों पर ‘थर्मल-इमेजिंग डिवाइस’ का असर नहीं होता। पाकिस्तानी खुफिया एजंसी आइएसआइ ने आतंकियों को ऐसे जैकेट दिए हैं। इस खास जैकेट के बारे में जानकारी तब मिली, जब पाकिस्तानी रेंजर्स ने जम्मू में सीमा सुरक्षा बल की तैनाती वाली जम्मूवाल चौकी पर हाल में गोलीबारी की थी। तब पाकिस्तानी रेंजर्स घुसपैठियों के साथ सीमा के काफी नजदीक आ गए थे, लेकिन उन लोगों की हरकत ‘थर्मल-इमेजिंग डिवाइस’ में कैद नहीं हो पाई थी। बाद में वीडियो का विश्लेषण करने पर पता चला कि एक पाकिस्तानी रेंजर और कुछ आतंकी गोलीबारी कर रहे थे।

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