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गलती से भारत आए 12 साल के बच्चे को BSF ने किया पाकिस्तान के हवाले

भारत और पाकिस्तान के मध्य जारी तनाव के बीच BSF ने मानवता की एक मिसाल पेश की। सीमापार करके आए पाकिस्तानी लड़के को पकड़ा और बाद में उसे पाकिस्तान को सौंप दिया।

Author नई दिल्ली | October 3, 2016 18:05 pm
सीमा सुरक्षा बल ने पाकिस्तानी रेंजर्स को सौंपा 12 साल का पाक नागरिक (Express Photo)

भारत और पाकिस्तान के मध्य जारी तनाव के बीच सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने मानवता की एक मिसाल पेश की। रविवार को बीएसएफ ने पंजाब में गलती से सीमापार करके आए पाकिस्तानी लड़के को पकड़ा और बाद में उसे पाकिस्तान को सौंप दिया। पंजाब  12 साल का पाकिस्तानी लड़का तनवीर पशु चराते-चराते अतंर्राष्ट्रीय सीमा पार करके भारतीय क्षेत्र में आ गया था और पानी पीने लगा था। बीएसएफ के जवानों ने 3 अक्टूबर को पाकिस्तानी रेंजर्स से संपर्क करके मानवीय आधार पर लड़के को पाकिस्तान के सुपुर्द कर दिया। वहीं, भारत की इस दरियादिली के बाद भी पाकिस्तान की ओर से सैनिक चंदू बाबूलाल चव्हाण को लेकर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भारतीय सैनिक गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पार करके पाकिस्तान चला गया था।

गौरतलब है कि 37वीं राष्ट्रीय रायफल के जवान गुरुवार (29 सितंबर) को गलती से लाइन ऑफ कंट्रोल पार कर पाकिस्तान चले गए थे जो फिलहाल पाकिस्तान के कब्जे में हैं। उन्हें छुड़ाने के लिए हरसंभव राजनयिक और कूटनीतिक कोशिशें हो रही हैं। रविवार को रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने कहा था कि पाकिस्तान के कब्जे से भारतीय जवान चंदू बाबूलाल चव्हाण को छुड़ाने के लिए सैन्य स्तर पर सरकारी मानक तंत्र के तहत काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसके लिए भारत-पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (डीजीएमओ) लगातार एक-दूसरे के संपर्क में हैं। वहीं, इसबीच उनके पाकिस्तान के कब्जे में होने की खबर सुनते ही उनकी नानी लीलाबाई चिंदा पाटील की गुरुवार रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। 23 वर्षीय चंदू बाबूलाल महाराष्ट्र के धुले जिले के वोरबीर गांव के रहने वाले हैं। उनके भाई भी मिलिट्री में ही हैं। उनकी तैनाती फिलहाल गुजरात में है।

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वहीं, सीमापार से आए एक कबूतर के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संदेश भेजा गया था। सीमापार से आए इस कबूतर से उर्दू में लिखा गया एक पत्र बरामद हुआ है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित किया गया है। पुलिस के मुताबिक बरामद कागज पर लिखे गए संदेश में कहा गया है, ‘मोदी जी हमें 1971 (भारत-पाकिस्तान युद्ध) के समय का मत समझिए। अब हर एक बच्चा भारत के खिलाफ लड़ने को तैयार है।’ इससे पहले शनिवार को भी पंजाब में ही संदेश वाले दो गुब्बारे भी मिले थे।

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