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कर्नाटक: JDS सरकार में फोन टैपिंग की CBI जांच कराएंगे येदुरप्पा, पूर्व सीएम बोले- हर टेस्ट के लिए तैयार

येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि वह कांग्रेस के कई नेताओं की मांग पर इन आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश देंगे।सिद्दरमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री रहे एम बी पाटिल समेत कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की है

Author Updated: August 18, 2019 9:43 PM
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने कथित फोन टैपिंग मामले की सीबीआई जांच कराने की भाजपा सरकार की घोषणा पर रविवार को कहा कि वह किसी ‘‘अंतरराष्ट्रीय एजेंसी’’ तक से जांच के लिए तैयार है।राज्य के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने पिछली जद (एस)- कांग्रेस गठबंधन सरकार के समय के कथित फोन टैपिंगमामले की सीबीआई जांच की घोषणा की है।फोन टैपिंग के आरोपों को पहले ही खारिज कर चुके कुमारस्वामी ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘उन्हें कोई भी जांच कर लेने दीजिए, चाहे वह सीबीआई जांच हो या किसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से हो, या उन्हें ट्रंप (अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प) से बात करने दें, और उनकी ओर से किसी के जरिये पूछताछ करने दें।’’

कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्धरमैया ने सीबीआई जांच का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि भाजपा ‘‘राजनीतिक बदले की भावना’’ से केन्द्रीय जांच एजेंसी का इस्तेमाल नहीं करेगी।इस बीच, कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर कहा कि टेलीफोन टैपिंग‘‘एक झूठ है’’ और नफरत की राजनीति के लिए एक साजिश है। हालांकि, कांग्रेस इस विषय पर बंटी हुई दिखाई दे रही है।जद (एस) के नेता कुमारस्वामी ने इस मुद्दे के कवरेज को लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के आचरण को देखता आ रहा हूं, उसका इरादा और प्रयास राज्य की राजनीति में कुमारस्वामी को लोगों से दूर रखना है। वे इसमें सफल नहीं होंगे।’’ कुमारस्वामी ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि फोन टैपिंगमामले से उनका नाम क्यों जोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि मैं इसमें शामिल होता तो मैं घबरा जाता,… मुझ पर अंगुली उठाये जाने के लिए कुछ भी नहीं है।’’ गौरतलब है कि विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य करार दिए गए जद (एस) विधायक ए एच विश्वनाथ ने पिछले सप्ताह एच डी कुमारस्वामी की सरकार पर फोन टैप करने और उनके समेत 300 से अधिक नेताओं की जासूसी कराने के आरोप लगाए। इसके बाद येदियुरप्पा ने यह घोषणा की है। विश्वनाथ जद (एस) के प्रदेश प्रमुख रह चुके हैं और बाद में वह बागी हो गये।

पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार सहित भाजपा के कई नेताओं ने इस प्रकरण (फोन टैपिंग) के पीछे कुमारस्वामी के सीधे तौर पर मौजूद रहने का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि विधायकों की बगावत का सामना करने के दौरान कुमारस्वामी ने अपनी सरकार बचाने के लिए ऐसा किया था। खबरों के मुताबिक कुमारस्वामी नीत गठबंधन सरकार के दौरान सिद्धरमैया के करीबी लोगों के फोन कॉल सरकार के निगरानी के दायरे में थे। सिद्धरमैया उस वक्त गठबंधन समन्वय समिति के प्रमुख थे। येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि वह कांग्रेस के कई नेताओं की मांग पर इन आरोपों की सीबीआई जांच का आदेश देंगे।

सिद्दरमैया, एम. मल्लिकार्जुन खड़गे और गठबंधन सरकार में गृह मंत्री रहे एम बी पाटिल समेत कांग्रेस नेताओं ने जांच की मांग की है,जबकि पार्टी के एक अन्य अहम नेता और पूर्व मंत्री डी के शिवकुमार ने आरोपों को खारिज कर दिया है।मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद रविवार को सिद्धरमैया ने ट्वीट किया, ‘‘मैं फोन टैपिंगमामला सीबीआई को सौंपने के येदियुरप्पा के फैसले का स्वागत करता हूं। लेकिन भाजपा ने अतीत में राजनीतिक प्रतिशोध के लिए कठपुतली की तरह सीबीआई का इस्तेमाल किया है। उम्मीद है कि भाजपा कर्नाटक के नेताओं की इस तरह की कोई मंशा नहीं होगी।’’ एक अन्य ट्वीट में उन्होंने कहा कि कर्नाटक में ‘ऑपरेशन कमल’ से जुड़े आरापों का जिक्र करते हुए कहा कि यह फोन टैपिंगके आरोपों की तरह ही गंभीर है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीएसवाई बीजेपी से कथित ‘ऑपरेशन कमल’ की भी सीबीआई जांच कराये जाने का अनुरोध करता हूं। मैंने सुना है कि उन्होंने फोन टैपिंगमामले में मेरी सलाह पर कार्रवाई की है और मुझे उम्मीद है कि वह इस मुद्दे पर भी कार्रवाई करेंगे।’’ हालांकि, प्रदेश कांग्रेस ने एक ट्वीट में फोन टैपिंगको ‘झूठ’ करार दिया और इसे नफरत की राजनीति के लिए एक साजिश बताया।
कांग्रेस ने एक ट्वीट में आरोप लगाया कि पिछले दरवाजे से ‘‘ऑपरेशन कमल’’ द्वारा ‘‘अनैतिक’’ तरीके से मुख्यमंत्री बनने के बाद येदियुरप्पा एक ‘‘भूमिगत अपराधी’’ की तरह व्यवहार कर रहे है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने फोन टैपिंगजांच को लेकर कांग्रेस में मतभेदों को लेकर आश्चर्य व्यक्त किया।जांच की मांग करने वाले सिद्धरमैया समेत कांग्रेस के कुछ नेताओं की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘जांच सौंपने से पहले वे जांच की मांग करते थे और अब वे मुख्यमंत्री पर आरोप लगा रहे हैं,यह ठीक नहीं है।’’

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