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दिल्ली-एनसीआर में बीएस-4 वाहनों की बिक्री बंद

नोएडा सेक्टर-10 स्थित आटो जानकार ने बताया कि बीएस-6 वाहनों की कीमत बीएस-4 के मुकाबले करीब 10-15 फीसद ज्यादा है। बीएस-6 वाहनों के इंजन में काफी बदलाव किए गए हैं। इन वाहनों से कम धुआं निकलता है। कई अन्य सुधार भी किए गए हैं लेकिन महंगी कीमत के कारण लोग अभी भी बीएस- 4 वाहन खरीदना चाहते हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार से भारत स्टेज -4 इंजन वाले वाहनों की बिक्री बंद हो जाएगी। अब 1 अप्रैल 2020 से केवल बीएस-6 वाहनों की ही बिक्री हो सकेगी। हालांकि दिल्ली-एनसीआर से इतर देश के बाकी हिस्सों में कोरोना के कारण जारी पूर्ण बंदी खत्म होने के बाद 10 दिन तक बीएस-4 वाहनों की बिक्री की जा सकेगी लेकिन यह छूट इस श्रेणी के कुल स्टॉक का अधिकतम 10 फीसद वाहनों की बिक्री के लिए होगी।

उधर, देश में एकाएक बढ़े कोरोना के खतरे के कारण लागू हुई पूर्ण बंदी से बीएस-4 वाहनों की बिक्री थमने से 10- 12 हजार करोड़ रुपए का नुकसान माना जा रहा है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक बीएस-4 वाहनों की बिक्री के आखिरी दिन मंगलवार को दिल्ली-एनसीआर में हजारों वाहनों की बिक्री होने की सूचना है। बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण सुप्रीम कोर्ट ने ढाई साल पहले ही बीएस-4 वाहनों की बिक्री के लिए 31 मार्च 2020 आखिरी तारीख तय कर दी थी। इसके बाद केवल बीएस-6 इंजन वाले बस, ट्रक, कार समेत दोपहिया वाहनों की बिक्री का आदेश दिया था।

लिहाजा वाहन निर्माता कंपनियों ने इस समयसीमा को ध्यान रखते हुए बीएस-4 वाहनों के स्टॉक की 31 मार्च तक बिक्री करने की पूरी कार्य योजना तैयार कर ली थी। इसी कार्ययोजना के आधार पर आॅटोमोबाइल डीलर काम कर रहे थे। इसी बीच एकाएक कोराना महामारी के कारण लागू हुई पूणर्बंदी ने इस कार्य योजना को पूरी तरह से विफल साबित कर दिया है। माना जा रहा है कि दिल्ली-एनसीआर के आटो डीलरों के पास कई हजार बीएस-4 वाहनों का स्टॉक बच गया है। फेडरेशन आॅफ आटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (एफएडीए) ने सुप्रीम कोर्ट से पूणर्बंदी के कारण बीएस-4 वाहनों की समयसीमा बढ़ाने की मांग की थी। सुप्रीम कोर्ट के पीठ ने दिल्ली-एनसीआर में इस समय सीमा को बढ़ाने से इंकार कर दिया है।

हालांकि अन्य हिस्सों में पूणर्बंदी खत्म होने के 10 दिनों तक यानी 24 अप्रैल तक बीएस-4 वाहनों को बेचने की इजाजत दी है लेकिन यह बिक्री उपलब्ध स्टॉक के अधिकतम 10 फीसद वाहनों की ही की जा सकती है। वाहन जानकारों के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में हर महीने करीब एक लाख कार व दो पहिया वाहनों की बिक्री होती है।

30 मार्च की सुबह 11 बजे वाहन पोर्टल बंद हो गया था। इसी पोर्टल के जरिए बिकने वाले वाहनों का पंजीकरण होता है। एक दिन पहले ही पोर्टल बंद होने से वाहन कारोबारियों ने केंद्रीय परिवहन मंत्री समेत अन्य नेताओं को ट्वीट किए। जिसके बाद सोमवार रात करीब 11 बजे पोर्टल चालू हुआ और दिल्ली-एनसीआर के डीलरों ने मंगलवार तक जैसे-तैसे स्टॉक में उपलब्ध बीएस-4 वाहनों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज कराया।

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