ताज़ा खबर
 

ब्रू प्रवासियों को बसाने पर त्रिपुरा में उपद्रव, पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प में दो की मौत, राज्य सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच बिठाई

अर्धसैनिक बलों के एक बड़े दस्ते की सड़क खाली कराने को लेकर प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई, इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को फायरिंग का भी सहारा लेना पड़ा।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र अगरतला | Updated: November 22, 2020 2:02 PM
Bru Protestors, Tripuraब्रू प्रवासियों को बसाने के मुद्दे पर त्रिपुरा की ज्वाइंट मूवमेंट कमेटी के सदस्य पुलिस से भिड़ गए। (फोटो- PTI)

उत्तरी त्रिपुरा जिले के पानीसागर में असम-अगरतला राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की गोलीबारी में अब तक दो लोगों की मौत की खबर है। वहीं, 15 पुलिस- दमकलकर्मियों और 7 लोगों समेत कुल 22 लोग घायल हो गए। ये लोग पड़ोसी राज्य मिजोरम से आए ब्रू प्रवासियों को त्रिपुरा में बसाने का विरोध कर रहे थे।

बताया गया है कि शनिवार को फायरिंग में एक व्यक्ति की मौके पर ही जान चली गई थी, जबकि झड़प को शांत कराने पहुंचे एक दमकलकर्मी- बिस्वजीत देववर्मा की आज सुबह मौत हुई। उन्हें सिर पर चोट आई थी। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए मजिस्ट्रेट इंक्वायरी का आदेश दे दिया है। साथ ही मृतकों के परिवारों के लिए 5-5 लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया गया है।

मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने हिंसा के ठीक बाद डिप्टी सीएम जिष्णु देववर्मा, डीजीपी वीवाई यादव और एडिशनल डीजीपी राजीव सिंह के साथ बैठक कर मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। बताया गया है कि यह जांच नॉर्थ त्रिपुरा डिस्ट्रिक्ट नागेश कुमार करेंगे। कानून मंत्री रतनलाल नाथ ने कहा की जांच रिपोर्ट एक महीने के अंदर जमा करनी होगी।

क्या है मामला?: केंद्र सरकार ने इस साल जनवरी में एक नए समझौते पर हस्ताक्षर किये थे जिसके तहत, त्रिपुरा के राहत शिविरों में रह रहे ब्रू समुदाय के लोगों को वापस जाने के लिये मजबूर नहीं किया जाएगा। शनिवार को हालात उस समय खराब हो गए जब पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स (टीएसआर) समेत अर्धसैनिक बलों के एक बड़े दस्ते की सड़क खाली कराने को लेकर प्रदर्शनकारियों से झड़प हो गई।

पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में लोग पानीसागर राष्ट्रीय राजमार्ग-8 पर जमा हुए और उसे बंद कर दिया। उन्होंने सरकार से ब्रू प्रवासियों को त्रिपुरा में बसाने की योजना वापस लेने की मांग की। बंगाली और स्थानीय मिजो समुदाय की संयुक्त आंदोलन समिति (जेएमसी) ने इस मुद्दे पर सोमवार से पांच दिवसीय हड़ताल की घोषणा की, जिसके तहत उन्होंने शनिवार को राजमार्ग-8 को बंद कर दिया। हालांकि, गोलीबारी की घटना के बाद अब यह बंदी अनिश्चितकाल के लिए बुलाई गई है।

पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया और बाद में गोलीबारी की , जिसमें प्रदर्शन में शामिल 40 वर्षीय व्यक्ति श्रीकांत दास की मौत हो गई। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक राजीव सिंह ने कहा कि पुलिस को अपने बचाव के लिये गोली चलानी पड़ी क्योंकि भीड़ बेकाबू हो गई थी और सुरक्षा बलों से हथियार छीनने की कोशिश कर रही थी। उन्होंने स्वीकार किया कि इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और कुछ लोग घायल हो गए।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 छोटे दलों को केंद्र में रखकर 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में UP की बड़ी पार्टियां
2 अपमानित करने या धमकाने वाला पोस्ट लिखा तो जुर्माने के साथ पांच साल तक की जेल- केरल की वामपंथी सरकार ने बनाया कानून
3 सौगत समेत 5 TMC नेता कभी भी दे सकते हैं इस्तीफा- बोले BJP सांसद, रॉय का जवाब- ये फर्जी खबर फैलाने की ‘अमित मालवीय तकनीक’
  यह पढ़ा क्या?
X