संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हो रहा, इसी दिन कॉकरोच जनता पार्टी भी संसद की ओर मार्च करने की तैयारी में जुट गई है। इसके लिए सीजेपी की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। साथ ही रैली के दौरान अनुशासन बनाए रखने की भी अपील की है।

सीजेपी ने सभी समर्थकों से अपील की है कि किसी भी हाल में यह विरोध प्रदर्शन हिंसक न होने पाए। यह मार्च सुबह 9 बजे से शुरू होगा। इसी को लेकर सीजेपी ने गाइडलाइन का एक पोस्टर जारी किया और लोकतांत्रिक अधिकारियों के शांतिपूर्ण तरीके से प्रयोग करने का आह्वान किया।

पोस्टर पर धमेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए का एक नारा भी लिखा। सीजेपी के समर्थक कथित परीक्षा लीक समेत कई मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

मार्च के दौरान क्या करें?

प्रदर्शनकारियों से सीजेपी ने 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की। साथ ही उनको कुछ सलाह भी दी है जिससे मार्च में हिंसा वगैरह न हो। सीजेपी ने कहा कि समर्थक केवल तिरंगा साथ लाएं किसी भी राजनीतिक या संगठनात्मक झंडा लाने से बचें। साथ ही संविधान की एक प्रति या डॉ. बी.आर.अंबेडरकर, महात्मा गांधी या भगत सिंह जैसे राष्ट्रीय हीरो की तस्वीर साथ लाएं।

मार्च में केवल सकारात्मक नारे लगाएं, जैसे कि जय हिंद, भारत माता की जय, इंकलाब जिंदाबाद, जय भीम और जय भारत। कार्रवाही को रिकार्ड करते रहें और इस बात का ध्यान रखें कि सत्य को समर्थकों के अलावा किसी अन्य प्रवक्ता की आवश्यकता नहीं होती है। साथ ही सभी से हर हाल में शांति बनाए रखने की अपील की और अहिंसक बने रहें।

सीजेपी ने समर्थकों से ये न करने की अपील

सीजेपी ने अपने समर्थकों से यह भी कहा कि मार्च में भूखे पेट मत आएं, विरोध प्रदर्शन स्थल पर आने से पहले नाश्ता आदि करके आएं। टोपी या दुपट्टा भी ले जाना न भूलें क्योंकि गर्मी से खुद को बचाना है। साथ ही मार्च में किसी भी गड़बड़ी पर चुप न रहे किसी भी संदिग्ध या उपद्रवी गतिविधि की सूचना पुलिस को दें। अगर हो सके तो मार्च में अकेले न आएं किसी मित्र या पड़ोसी-परिवार को साथ लाएं। साथ ही तिरंगा का गलत इस्तेमाल न करें और ध्वज संहिता के मुताबिक, तिरंगे को सम्मानपूर्वक पकड़ें और सुनिश्चित करें कि वह जमीन को न छुए।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक का सफदरजंग अस्पताल में अभी भर्ती हैं। उनकी पत्नी गीतांजिल जे. अंगमो ने सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का एक संदेश शेयर किया जिसमें उन्होंने इस आंदोलन को भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन बताया। नोट में सोनम वांगचुक ने कहा, 20 जुलाई। भारत का दूसरा स्वतंत्रता आदोलन। अन्याय से मुक्ति, भय से मुक्ति, संसद तक मार्च। कृपया इसे बड़ी सफलता दिलाएं।

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दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके पर स्याही फेंकने वाली बरखा त्रेहान ने अब पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ये लोग सोनम वांगचुक का इस्तेमाल अन्ना हजारे की तरह कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें