नयी दिल्ली के भारत मंडपम में 12-13 सितंबर को 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों और साझेदार देशों के नेताओं के साथ-साथ विशेष आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इससे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी की सड़कों पर कड़ी निगरानी रखने के लिए हवाई सर्वे कर रही है।

पहली बार ड्रोन का इस्तेमाल ट्रैफिक पर नजर रखने और जाम का पता लगाने के लिए किया जा रहा है। यह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारियों के हिस्से के रूप में शुरू किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि राजधानी में यातायात प्रबंधन रणनीति के हिस्से के रूप में, जुलूसों, विरोध प्रदर्शनों और त्योहारी मौसम के दौरान प्रमुख सड़कों और अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन का उपयोग भी किया जाएगा।

यह कदम फरवरी में आयोजित इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान यातायात में आई परेशानियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है जब प्रतिबंधों और वीआईपी काफिलों की आवाजाही के कारण कई सड़कों पर जाम लग गया था। यात्रियों ने सोशल मीडिया पर दिल्ली में ट्रैफिक जाम की शिकायत की थी। ऐसे में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस अब ट्रैफिक जाम से बचने और मौके पर तेजी से कार्रवाई करने पर ध्यान देना चाहती है।

दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का मॉक रिहर्सल

1 और 2 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का मॉक रिहर्सल किया। वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखने और यातायात जाम होने वाले स्थानों की पहचान करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। हवाई निगरानी में आईएसबीटी, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य रेलवे स्टेशनों सहित प्रमुख ट्रांजिट हब भी शामिल होंगे जहां ज्यादा ट्रैफिक जाम लगता है।

राजधानी का कायाकल्प किया जा रहा

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले राजधानी का कायाकल्प किया जा रहा है। नई दिल्ली नगर परिषद के अध्यक्ष मनोज कुमार द्विवेदी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, “हम इसकी तैयारी काफी समय से कर रहे थे। हमारी टीम द्वारा एनडीएमसी क्षेत्रों को नया रूप देने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों के बाद शहर का चेहरा जल्द ही बदलने वाला है।” हालांकि, सौंदर्यीकरण योजना के केंद्र में सड़कें और गोलचक्कर बने रहेंगे, शहर में अंडरग्राउंड कंस्ट्रक्शन, फूलों की प्रदर्शनी, फव्वारे भी देखने को मिलेंगे।

यह रिनोवेशन गोल चक्करों और सार्वजनिक स्थानों तक फैलेगा। अधिकारियों के अनुसार, फूलों की क्यारियों के लिए 15 स्थान, फूलों के फव्वारे के लिए नौ स्थान और विशेष सौंदर्यीकरण और भूनिर्माण के लिए 17 गोल चक्कर चिन्हित किए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों की पार्किंग के लिए बने क्षेत्रों को भी सुव्यवस्थित किया जाएगा जबकि सड़कों और आसपास के क्षेत्रों की कड़ी निगरानी की जाएगी। अध्यक्ष द्विवेदी ने कहा, “जिन 10 होटलों में ब्रिक्स प्रतिनिधिमंडल ठहरेगा, उनके आसपास के क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।”