भारत 18वें BRICS समिट की मेजबानी कर रहा है, जिससे दुनिया के कुछ सबसे ताकतवर लीडर जियोपॉलिटिक्स, ट्रेड, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल कोऑपरेशन पर चर्चा के लिए एक साथ आ रहे हैं। लेकिन हाई-लेवल डिप्लोमेसी के साथ-साथ, ध्यान से तैयार की गई मीडिया किट पत्रकारों को भारत की एक और करीबी झलक दिखा रही है। इसके खाने, लोकल प्रोड्यूस और पारंपरिक कारीगरी के जरिए लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।
18वां BRICS समिट 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहा है। समिट में शामिल होने वाले पत्रकारों के लिए तैयार की गई BRICS मीडिया किट में देश के अलग-अलग हिस्सों के प्रोडक्ट शामिल हैं, जिसमें बिहार का सत्तू और मखाना, ओडिशा की कोरापुट कॉफी और गुजरात के हैंडीक्राफ्ट शामिल हैं।
ANI की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह पहल विदेश मंत्रालय की उस कोशिश का हिस्सा है जिससे भारत और विदेश के पत्रकारों को भारत की विविधता का एक हिस्सा दिखाया जा सके। रिपोर्ट में विदेश मंत्रालय के पब्लिक रिलेशंस के OSD वासुदेव रवि का ज़िक्र है और उनके अनुसार केंद्र ने इस पहल के लिए तीन राज्य सरकारों के साथ पार्टनरशिप की है। रवि ने कहा, “यह हमारे लिए इंडिया स्टोरी दिखाने और मीडिया में हमारे साथियों के साथ-साथ इंटरनेशनल प्रेस से हमारे साथ जुड़ने वालों को इसके पहलुओं को बताने का एक मौका है। इसलिए हमने तीन राज्य सरकारों के साथ पार्टनरशिप की और हमारी कोशिश पारंपरिक खाने को दिखाने की रही है।”
BRICS समिट मीडिया किट में क्या है?
इस सिलेक्शन में अलग-अलग राज्यों के प्रोडक्ट्स को एक साथ लाया गया है, जिनमें से हर एक भारत की क्षेत्रीय पहचान के एक अलग पहलू को दिखाता है।
बिहार का सत्तू और मखाना
किट में बिहार से सत्तू और मखाना शामिल हैं, जो राज्य की खाने की परंपराओं और खेती के माहौल से जुड़े दो प्रोडक्ट्स हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इन दो प्रोडक्ट्स को शामिल करने पर ज़ोर दिया और इसे राज्य के लिए गर्व का पल बताया। उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “ग्लोबल स्टेज पर बिहार का गौरव! दिल्ली BRICS समिट में वेलकम किट में शामिल सत्तू और मखाना हमारे स्वाद, परंपरा और एंटरप्रेन्योरशिप की निशानी हैं।” सम्राट चौधरी ने लोकल से ग्लोबल विजन को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया और कहा कि यह पहल बिहार के लिए एक नई पहचान है, जिसमें राज्य के स्वाद को दुनिया के सामने पेश किया जा रहा है।
जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय कुमार झा ने भी इस पहल की तारीफ की। एक सोशल मीडिया पोस्ट में संजय झा ने कहा, “बिहार के खेतों से लेकर ग्लोबल प्लेटफ़ॉर्म तक, हमारे मखाना और सत्तू राज्य की समृद्ध विरासत और अनोखी उपज को दुनिया के सामने दिखा रहे हैं।”
किट में ओडिशा की कोरापुट कॉफ़ी
मीडिया किट पत्रकारों को भारत के ज़्यादा जाने-पहचाने फ़ूड से परिचय कराती है, जिसमें ओडिशा के कोरापुट की कॉफ़ी भी है। जानकारी के मुताबिक विदेश मंत्रालय ने कोरापुट इलाके में उगाई जाने वाली कॉफ़ी को दिखाने के लिए ओडिशा सरकार के साथ पार्टनरशिप की है।
गुजरात का ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल
गुजरात का एक ब्लॉक-प्रिंटेड स्टोल भी किट का हिस्सा है, जो कलेक्शन में भारतीय कारीगरी का टच लाता है। यह फ़ूड और बेवरेज प्रोडक्ट्स के कलेक्शन में एक खास, पहनने लायक यादगार चीज जोड़ता है। रवि के मुताबिक गुजरात ने राज्य में मौजूद स्किल्स और कारीगरी को दिखाने के लिए अलग-अलग तरह के हैंडीक्राफ्ट्स दिए हैं। स्टोल को शामिल करने से पता चलता है कि मीडिया किट सिर्फ़ फ़ूड तक ही सीमित नहीं है। खेती और खाने के प्रोडक्ट्स के साथ, यह भारत की कारीगरी की परंपराओं और अलग-अलग इलाकों के कारीगरों के स्किल्स को भी दिखाता है।
‘संगम’ का जिक्र
खाना और हैंडीक्राफ्ट्स ही अकेले ऐसे एलिमेंट नहीं हैं जिनके जरिए भारत अपनी BRICS चेयरशिप के दौरान अपनी कल्चरल डाइवर्सिटी दिखा रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘संगम: संस्कृतियों का संगम’ पर का जिक्र किया है, जो 9 देशों के कलाकारों का एक बड़े पैमाने पर मिलकर किया गया पब्लिक आर्ट प्रोजेक्ट है।
X पर अपनी पोस्ट में रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट संगम के भारतीय कॉन्सेप्ट से प्रेरणा लेता है, जहां अलग-अलग जगहों की नदियाँ मिलती हैं और एक साथ बहती हैं। यह आर्टवर्क BRICS के कलाकारों और संस्कृतियों को एक साथ लाता है और दोस्ती और विविधता में एकता का जश्न मनाता है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह भारत की BRICS चेयरशिप 2026 थीम के मुताबिक लचीलापन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी को दिखाता है।
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BRICS बिजनेस फोरम का शुक्रवार को आगाज हो गया है, पहले दिन रूस के राष्ट्रपति पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान समेत कई दक्षिण एशियाई नेता पहुंचे। BRICS बिज़नेस फोरम के लीडर्स सेशन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं को स्वागत किया अपने संबोधन में सभी देशों को परिवार कहा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
