नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स समिट का आयोजन किया गया। इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शामिल हुए। समिट में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के नेताओं से मिले, तो एक जाना-पहचाना चेहरा उनके साथ बार-बार दिखाई दिया। एक तस्वीर सामने आई जिसमें एक अधिकारी पीएम मोदी और पुतिन के बीच खड़े हैं और यह तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है।

सिद्धार्थ बाबू कौन हैं?

वायरल अधिकारी का नाम सिद्धार्थ बाबू है, जो कोच्चि से हैं। सिद्धार्थ 2017 बैच के इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) ऑफिसर हैं। उनके लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार सिद्धार्थ बाबू प्रधानमंत्री के लिए डिप्लोमैटिक इंटरप्रेटर और विदेश मंत्रालय में यूरोप और यूरेशिया के डिप्टी सेक्रेटरी के तौर पर काम करते हैं। सिद्धार्थ बाबू का काम संवेदनशील डिप्लोमैटिक मीटिंग के दौरान भाषा के अंतर को कम करने में मदद करना है, जहां शब्दों और टोन में छोटे-मोटे अंतर भी मायने रख सकते हैं।

सिद्धार्थ बाबू ने अपना करियर डिप्लोमेसी में शुरू नहीं किया था। उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और शुरू में ई-कॉमर्स सहित प्राइवेट सेक्टर में काम किया। मनीकंट्रोल के मुताबिक उन्होंने UPSC सिविल सर्विसेज़ एग्ज़ाम दिया और आखिरकार 2016 में ऑल इंडिया रैंक 15 हासिल की। हालांकि उनकी रैंक इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) का रास्ता खोल सकती थी, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मामलों और डिप्लोमेसी में अपनी दिलचस्पी की वजह से इंडियन फॉरेन सर्विस को चुना। फॉरेन सर्विस में उनकी ट्रेनिंग में विदेशी भाषाएं सीखना भी शामिल था। यह एक ऐसी काबिलियत है जो उनके डिप्लोमैटिक कामों में खास तौर पर काम आई।

एक इंटरप्रेटर की अहमियत क्या होती है?

सरकार के राष्ट्राध्यक्षों वाली मीटिंग्स में इंटरप्रेटर यह पक्का करने में अहम भूमिका निभाते हैं कि बातचीत सही तरीके से और बिना कॉन्टेक्स्ट खोए बताई जाए। इस काम में सिर्फ़ शब्दों का ट्रांसलेशन करना ही शामिल नहीं है। इंटरप्रेटर को तेज़ी से हो रही बातचीत के साथ तालमेल बिठाते हुए कूटनीतिक भाषा, टोन और कल्चरल बारीकियों को समझना होता है।

सिद्धार्थ बाबू को कई हाई-प्रोफाइल डिप्लोमैटिक बैठकों में पीएम मोदी के साथ देखा गया है। ब्रिक्स समिट के दौरान भी उनकी मौजूदगी ने ध्यान खींचा है, जहां भारतीय और विदेशी नेताओं ने ट्रेड, सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी और दूसरे जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर कई बाइलेटरल मीटिंग्स की हैं।

सिद्धार्थ बाबू को दूसरे बड़े नेशनल इवेंट्स में भी अपनी डिप्लोमैटिक ड्यूटी करते देखा गया है। इस साल के रिपब्लिक डे सेलिब्रेशन के दौरान उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देखा गया, जहां वे विदेशी मेहमानों के साथ बातचीत को अनुवाद करने में शामिल थे।

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BRICS समिट में सदस्यों ने घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र में BRICS देशों ने पहलगाम हमले की कड़ी निंदा की। इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें