Brazil President in India: इंडिया इम्पैक्ट एआई समिट के लिए भारत दौरे पर आए ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस साझा कॉन्फ्रेंस में दोनों देशों के बीच तीन समझौतों पर हस्ताक्षर की जानकारी दी गई। इन समझौतों में भविष्य के लिए डिजिटल साझेदारी, दुर्लभ खनिज के क्षेत्र में सहयोग और इस्पात आपूर्ति श्रृंखला में खनन के क्षेत्र में सहयोग का करार है। इस दौरान ही ब्राजील के राष्ट्रपति ने भारत और प्रधानमंत्री मोदी को लेकर तारीफ में कुछ दिलचस्प बात कही।
ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने कहा कि वास्तव में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जब हम भारत जैसे देश के साथ बातचीत कर रहे हैं, तो हम किसी उपनिवेशवादी देश से नहीं निपट रहे हैं। क्योंकि जब आप समृद्ध देशों से निपटते हैं, वे देश जो कई अन्य देशों के साथ व्यापार करने के आदी हैं, तो बातचीत में एक प्रकार का अधिनायकवाद होता है, जिसमें प्रत्येक राष्ट्र की खुशी का ध्यान नहीं रखा जाता है। भारत के साथ मामला अलग है।
हमारी जरूरतों में समानता – सिल्वा
सिल्वा ने भारत को लेकर कहा कि यहां सबसे शक्तिशाली देश का वर्चस्व नहीं होता। हम दो ऐसे देश हैं, जिन्हें ज़रूरत है या जो कुछ चाहते हैं। कोई भी देश दूसरे से श्रेष्ठ नहीं है। धर्म में अंतर, भाषाओं में अंतर… सच्चाई यह है कि ब्राजील और भारत के दृष्टिकोण और ज़रूरतों में बहुत समानता है। इसलिए जब आप भारत के व्यापार जगत के साथ एक मेज पर बैठते हैं, जब आप प्रधानमंत्री मोदी या पूर्व प्रधानमंत्री सिंह से बातचीत करते हैं, तो हमारी ज़रूरतों में बहुत समानता पाई जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत के साथ हमारे लिए काम करना, कार्य योजना बनाना, लक्ष्य निर्धारित करना और ब्राजील के उद्यमियों और भारतीयों के बीच साझेदारी स्थापित करना और उन्हें आमंत्रित करना बहुत आसान है कि वे ब्राजील में निवेश करें।
सिल्वा ने रिश्तों में हुए बदलावों का किया जिक्र
राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा ने भारत की अपनी पहले की यात्रा और अब की यात्रा में हुए बदलाव के अनुभवों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मैं पहली बार यहां आया था, तब ब्राजील और भारत के बीच व्यापार मात्र 2.4 अरब डॉलर था। अब यह बढ़कर 10.5 अरब डॉलर हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे बताया कि हमारा लक्ष्य 2030 तक 20 अरब डॉलर तक पहुंचना है।
उन्होंने कहा कि हम 30 अरब डॉलर के व्यापार तक पहुंच जाएंगे क्योंकि दोनों देशों की आर्थिक क्षमता बहुत मजबूत है और ब्राजील में नए उद्योगों और औद्योगिक क्षेत्र की जरूरतें और भी ज्यादा हैं। अगर हम स्वास्थ्य सेवा उद्योग की बात करें, तो हम इस देश से सात समझौता ज्ञापनों या समझौतों पर हस्ताक्षर करके जा रहे हैं, जो कि बहुत महत्वपूर्ण है।
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