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चीनी सामान से कैसे बचेंगे? कार में 25, टीवी में 70 और ऐंटी-बायोटिक्स दवाओं में 90 फीसदी हिस्सा चीन का

कर के 27% पार्ट्स चीन से इम्पोर्ट होते है। जिसमें इंजन, पहिए और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख घटक शामिल हैं। इंजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एलॉय व्हील, टायर आदि में इस्तेमाल होने वाले उप-घटकों के लिए चीन प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

गलवान घाटी में भारत और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प के बाद से देश में चीन विरोधी माहौल चरम पर है। (file)

सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव की स्थिति के चलते देश में चीनी सामान का बहिष्कार को लेकर खूब आवाज उठ रही है। ऐसे में क्या सच में चीनी समान का बहिष्कार करना इतना आसान है। बिज़नस इंसाइड की एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन का कार में 25, टीवी में 70 और ऐंटी-बायोटिक्स दवाओं में 90 फीसदी हिस्सा है। अगर बायकॉट चीन अभियान सफल होता है तो इन 7 छेत्रों में सबसे ज्यादा फर्क पड़ेगा।

कार – कर के 27% पार्ट्स चीन से इम्पोर्ट होते है। जिसमें इंजन, पहिए और इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख घटक शामिल हैं। इंजन, इलेक्ट्रॉनिक्स, एलॉय व्हील, टायर आदि में इस्तेमाल होने वाले उप-घटकों के लिए चीन प्रमुख आपूर्तिकर्ता है।

कंज्यूमर ड्यूरेबल्स – कंप्रेशर्स, एलईडी लाइट्स, मोटर्स और मोबाइल डिस्प्ले जैसे कंपोनेंट्स के लिए चीन प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। एक स्मार्ट टीवी की लागत का 70% चीन से आता है। उदाहरण के लिए, भारत द्वारा चीन से आयात पर शुल्क बढ़ाने से वोल्टास सबसे अधिक प्रभावित होगा। वहीं दूसरी ओर हैवेल्स जैसी कंपनियां सबसे कम प्रभावित होंगी क्योंकि इसका 90% विनिर्माण घर में है।

फार्मास्यूटिकल्स – फार्मास्यूटिकल्स की 60-70% प्रमुख सामग्री चीन से आती है और चीनी कच्चा माल घरेलू उत्पादन की तुलना में 20-30% सस्ता है। एंटीबायोटिक्स और पेनिसिलिन के मामलों में स्थिति बदतर है, जिसका 90% से अधिक आयात चीन से हैं।

टेलीकॉम – 22 में से कुल 10 सर्किलों में एयरटेल और वोडाफोन आइडिया Huawei और जेडटीई से टेलीकॉम उपकरणों का उपयोग करते हैं। भारत में 75% से अधिक स्मार्टफोन चीन से आयात किए जाते हैं।

रासायनिक और कृषि रसायन – उत्पाद के आधार पर रासायनिक और कृषि रसायन प्रोडक्ट्स का 10-50% कच्चा माल चीन से आता है। कंपनियां इसके लिए चीन पर निर्भरता कम करने की कोशिश कर रही हैं और एग्रोकेमिकल्स, किसानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कीटनाशकों के लिए दूसरे देशों की पहचान कर रही हैं।

ईकॉमर्स और टेक स्टार्टअप्स – मेजर ईकॉमर्स प्लेयर्स और टैक स्टार्टअप जैसे इंफो एज, ज़ोमैटो और पेटीएम चीन में उच्च निवेश करते हैं। सरकार ने पहले ही कुछ नियमों को लागू करना शुरू कर दिया है जैसे कि इन कंपनियों को चीनी मूल के उत्पादों को लेबल करने के लिए कहा गया है।

यूटिलिटि – भारत के 80% सौर मॉड्यूल आयात चीन से आते हैं और कुछ थर्मल प्लांट भी उपकरणों के लिए चीन पर निर्भर हैं।

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