Rajasthan News: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट कभी कांग्रेस पार्टी नहीं छोड़ेंगे और उन्होंने यह भी कहा कि पायलट को अपनी पिछली गलती के परिणाम भुगतने पड़े हैं।

गहलोत का यह बयान तब आया है जब हाल ही में राघव चड्ढा ने छह अन्य सांसदों के साथ आम आदमी पार्टी से अलग होने की घोषणा की थी। दरअसल, गहलोत बीजेपी नेता राधा मोहन दास अग्रवाल के उस बयान का जवाब दे रहे थे, जिसमें उन्होंने कहा था कि सचिन पायलट का एक पैर कांग्रेस में है और दूसरा कहीं और।

पायलट के दोनों पैर कांग्रेस में ही हैं- अशोक गहलोत

गहलोत ने कहा, “उनके दोनों पैर कांग्रेस में हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। अब, जो लोग भटक गए, गुमराह हुए और हमारे लोगों को मानेसर ले गए, वे वापस लौटेंगे।” गहलोत ने आगे कहा, “सचिन पायलट जी को इस तरह की गलती के परिणाम भुगतने का अनुभव हो चुका है। अब उन्हें समझ आ गया है और वे सतर्क हो गए हैं और मुझे उम्मीद है कि अब वे हमें कभी नहीं छोड़ेंगे और हमारी पूरी पार्टी उनके साथ एकजुट है।”

राजस्थान में साल 2020 में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था

साल 2020 में कथित तौर पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत कहे जाने वाले गजेंद्र सिंह, बिचौलिए संजय जैन, तत्कालीन कांग्रेस विधायक भंवरलाल शर्मा और मंत्री विश्वेंद्र सिंह से जुड़े तीन ऑडियो क्लिप लीक होने से राजस्थान में राजनीतिक संकट पैदा हो गया था। इन टेपों में कथित तौर पर गहलोत सरकार को गिराने की योजना बनाते हुए सुना गया था। इसके बाद, तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने हरियाणा के मानेसर में कुछ समय के लिए नजरबंद रहने के दौरान 19 कांग्रेस विधायकों के साथ असफल विद्रोह किया था।

नितिन नवीन टोंक पहुंचे

बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार को टोंक पहुंचे। यहां पर उन्होंने जिला कार्यालय का उद्घाटन किया, साथ ही बूंदी, प्रतापगढ़, डूंगरपुर, चूरू, पाली और बाड़मेर में पार्टी के छह अन्य जिला कार्यालयों का वर्चुअल रूप से उद्घाटन किया। इस अवसर पर अपने संबोधन में अग्रवाल ने पायलट पर बहुरूपिया होने का आरोप लगाया और उन्हें बाहरी बताते हुए कहा, “यह आश्चर्यजनक है। वे टोंक के निवासी भी नहीं हैं और टोंक तो दूर की बात है, वे आपके राज्य राजस्थान के भी निवासी नहीं हैं। क्या आपको यह जानकारी है?”

पायलट पर हमला बोलते हुए अग्रवाल ने कहा, “एक टांग कांग्रेस में रहती है और एक टांग पता नहीं कहां रहती है।” उन्होंने कहा कि टोंक बीजेपी का गढ़ है, इसीलिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने टोंक आने का फैसला किया है और आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार को ही चुना जाएगा। वर्तमान में, जिले की चार विधानसभा सीटों में से केवल टोंक सीट कांग्रेस के पास है, जबकि अन्य तीन सीटें देवली उनियारा, मालपुरा और निवाई (एससी) बीजेपी के पास हैं।

क्या कहता है दल-बदल कानून?

सोमवार को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राघव चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दी। हालांकि आम आदमी पार्टी ने सीपी राधाकृष्णन को पत्र लिखकर इन सभी सांसदों की सदस्यता रद्द किए जाने की मांग की थी। संसद के ऊपरी सदन में पहले आप के 10 सांसद थे। अब यह संख्या घटकर तीन रह गई है। जबकि भाजपा की संख्या 106 से बढ़कर 113 हो चुकी है। पढ़ें पूरी खबर…