ताज़ा खबर
 

जब बॉम्बे HC ने स्टेन स्वामी को बताया Wonderful पर्सन, वरवरा राव का जिक्र कर बताई अपनी मजबूरी

दिवंगत स्टेन स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि वह शानदार व्यक्ति थे और अदालत उनके काम का सम्मान करता है।

सोमवार को स्टेन स्वामी के निधन के बाद उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट स्टेन स्वामी की उस याचिका पर सुनवाई कर था जिसमें एनआईए स्पेशल कोर्ट ने उनके बेल को रद्द कर दिया था। (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

सोमवार को एल्गार परिषद् मामले से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई के दौरान बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि दिवंगत स्टेन स्वामी शानदार व्यक्ति थे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि वे उनके द्वारा किए गए कार्यों का सम्मान करते हैं। कोर्ट ने इसी मामले में आरोपी वरवरा राव का जिक्र करते हुए कहा कि हमने काफी विरोध के बाद भी उन्हें जमानत दी।

एल्गार परिषद मामले में दिवंगत स्टेन स्वामी की याचिका पर सुनवाई करते हुए बंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि वह शानदार व्यक्ति थे और अदालत उनके काम का सम्मान करता है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे और न्यायमूर्ति एन. जे. जामदार की पीठ ने की। न्यायमूर्ति शिंदे ने कहा कि सामान्य तौर पर हमारे पास वक्त नहीं होता लेकिन मैंने स्टेन स्वामी का अंतिम संस्कार देखा। उन्होंने कहा कि वे काफी शानदार व्यक्ति थे। उन्होंने समाज के लिए काम किया था। उनके कार्य के प्रति बहुत सम्मान है। कानूनन उनके खिलाफ जो भी है वह अलग मामला है।

इस दौरान कोर्ट ने वरवरा राव का जिक्र कर अपनी मज़बूरी भी बताई. मुंबई उच्च न्यायालय ने कहा कि कोई इस बात का जिक्र नहीं कर रहा है कि इस अदालत ने काफी विरोध के बावजूद इस मामले में सह आरोपी वरवर राव को जमानत दी। हमने राव के परिवार को मिलने की इजाजत दी क्योंकि हमें लगा कि मानवीय आधार को भी देखा जाना चाहिए। हनी बाबू को हमने उनकी पसंद के अस्पताल में इलाज के लिए भेजा।

सोमवार को स्टेन स्वामी के निधन के बाद उनकी याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट स्टेन स्वामी की उस याचिका पर सुनवाई कर था जिसमें एनआईए स्पेशल कोर्ट ने उनके बेल को रद्द कर दिया था। इस दौरान कोर्ट ने विचाराधीन कैदियों को लेकर भी चिंता जाहिर की। कोर्ट ने दुख जताते हुए कहा कि किस तरह कई मामलों में जेल में बंद विचाराधीन कैदी सुनवाई शुरू होने का इंतजार करते रहते हैं।

बता दें कि स्टेन स्वामी पर 2018 के भीमा कोरेगांव हिंसा में शामिल होने और नक्सलियों के साथ संबंध रखने के आरोप लगाए गए थे। उनको पिछले साल रांची से गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने उनको गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम की धाराएं लगा कर हिरासत में लिया था। बीते कई महीनों से स्टेन स्वामी की तबीयत खराब थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें मुंबई में स्थित होली फैमिली हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां 5 जुलाई को उनका निधन हो गया।

Next Stories
1 कोरोनाः SC ने याचिकाकर्ता से मांगी मोदी के निंदात्मक पोस्टर लगाने पर दर्ज हुए केसों की जानकारी
2 केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी बने राज्यसभा में उप नेता
3 कृषि कानूनः यह नाक की नहीं, नाश की लड़ाई है…जिंदगी की जंग है- बोले टिकैत
ये पढ़ा क्या ?
X