Bohara shia muslim sect diktat asked its people to refrain from using western toilets - मुस्लिमों के लिए नया फरमान धर्मगुरु घरों में फोन करके पता कर रहे वेस्टर्न टॉयलेट तो नहीं कर रहे इस्तेमाल - Jansatta
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मुस्लिमों के लिए नया फरमान, धर्मगुरु घरों में फोन करके पता कर रहे- वेस्टर्न टॉयलेट तो नहीं कर रहे इस्तेमाल!

बोहरा समुदाय के लोग इसे निजी अधिकारों का उल्‍लंघन मान रहे हैं।

Author नई दिल्‍ली | December 22, 2017 12:05 PM
धर्मगुरुओं के नए फरमान से बोहरा समुदाय असहज है। (फाइल फोटो, रायटर)

शिया समुदाय के दाऊदी बोहरा संप्रदाय के मुस्लिमों को इन दिनों विचित्र परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। मुस्लिम धर्मगुरु लगातार अजीबोगरीब फरमान दे रहे हैं। मेंहदी और शादी में बोहरा सामुदायिक भवनों के इस्‍तेमाल पर जारी फरमान का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब वेस्‍टर्न टॉयलेट के बारे में जानकरी जुटाई जाने लगी है। लोगों खासकर महिलाओं को फोन कर इसके बारे में सूचनाएं मांगी जा रही हैं। साथ ही वेस्‍टर्न के बजाय भारतीय शैली का टॉयलेट इस्‍तेमाल करने को कहा जा रहा है। समुदाय के लोग इसे निजता के अधिकार का उल्‍लंघन बता रहे हैं।

‘स्‍क्रॉल’ की खबर के मुताबिक, स्‍थानीय मस्जिद के प्रतिनिधि फोन कर घर में प्रयोग में लाए जा रहे टॉयलेट के बारे में जानकारी मांगते हैं। जलगांव में वेस्‍टर्न टॉयलेट का इस्‍तेमाल करने वालों को मस्जिद जाकर मौलवी से मिलने तक को कहा गया है। इसका प्रयोग करने वालों से इसकी वजह पूछी जा रही है। साथ ही घुटनों या अन्‍य तरह की बीमारियों से ग्रसित परिजनों के बारे में भी सूचनाएं मांगी जा रही हैं। इसके अलावा अगली बार मस्जिद आने पर मौलवी से मिलने का निर्देश भी दिया जा रहा है। मस्जिद के प्रतिनिधि खासतौर से महिलाओं को फोन कर इसके बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। जलगांव के व्‍यवसायी जौहर ने बताया कि यदि उन्‍हें फोन किया जाता तो वह सीधे तौर पर पूछने वाले से ही कहते कि उन्‍हें निजी सवाल पूछने का कोई अधिकार नहीं है। उन्‍होंने बताया कि समुदाय के कई लोगों के पास ऐसे फोन आ चुके हैं।

अंजुमन-ए शिया अली ने दी सफाई: बोहरा समुदाय के लोग इसे निजता के अधिकार का उल्‍लंघन बता रहे हैं। समुदाय के मामलों को देखने वाली संस्‍था अंजुमन-ए शिया अली के प्रवक्‍ता ने इसे सिर्फ सलाहकारी बताया है। उन्होंने बताया कि भारतीय शैली के टॉयलेट ज्‍यादा साफ और स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बेहतर होते हैं। इसलिए इसका सर्वे कर लोगों को वेस्‍टर्न के बजाय इंडियन टॉयलेट का इस्‍तेमाल करने के लिए प्रोत्‍साहित किया जा रहा है।

मेंहदी और सामुदायिक भवन पर फरमान: बोहरा समुदाय के मौलवी ने शादी के वक्‍त मेंहदी लगाने की मात्रा भी तय कर दी है। इसके अलावा समुदाय के लोगों को बोहरा सामुदायिक भवन में ही शादी-ब्‍याह का आयोजन करने को कहा गया है। इसके कारण कई लोगों को बुकिंग रद्द करानी पड़ी। इसके कारण उन्‍हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है।

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