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मुंबई: नियमानुसार लगेंगे गणेश मंडप, तेज आवाज पर भी लगाम लगेगी

मुंबई महानगरपालिका ने सोमवार को उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि गणेशोत्सव के दौरान वह सड़क अवरुद्ध करनेवाले अस्थाई मंडप बनाने की..

Author August 4, 2015 7:12 PM

मुंबई महानगरपालिका ने सोमवार को उच्च न्यायालय को आश्वासन दिया कि गणेशोत्सव के दौरान वह सड़क अवरुद्ध करनेवाले अस्थाई मंडप बनाने की स्वीकृति नहीं देगी, अन्य जगहों पर अस्थाई मंडप बनाने की स्वीकृति भी नियमानुसार ही दी जाएगी और ध्वनि प्रदूषण को लेकर अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी। महानगरपालिका ने कहा कि वह गणेश मंडपों को स्वीकृति देने के दौरान पैदल चलनेवालों के हितों का ध्यान रखेगी। महानगरपालिका के इस आश्वसान के बाद मुंबई की सड़कों पर दस दिनों के लिए बनाए जानेवाले 14 सौ गणेश मंडपों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।

महानगरपालिका ने गणेशोत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण और रास्तों पर मंडप बनाने को लेकर नीतिगत रिपोर्ट सोमवार को उच्च न्यायालय में प्रस्तुत की। इसके तहत गणेश मंडपों को स्थानीय पुलिस अधिकारी और यातायात पुलिस के बाद महानगरपालिका के सहायक आयुक्त स्वीकृति देंगे। गणेशोत्सव से महीना भर पहले मंडप बनाने के लिए आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। मंडप 30 फुट से ऊंचे नहीं होंगे और 25 फुट से ज्यादा ऊंचे मंडपों के ढांचों का आॅडिट किया जाएगा। मंडप बनाने के दौरान सड़कें नहीं खोदी जाएंगी। पानी और बिजली की व्यवस्था गणेश मंडलों को करनी होगी और लाउड स्पीकर ध्वनि के तय मानकों का पालन करेंगें।

जस्टिस अभय ओक और रेवती मोहिते-ढेरे के खंडपीठ ने कहा कि मंडप और ध्वनि प्रदूषण को लेकर नागरिकों की शिकायतों को सुनने के लिए उचित व्यवस्था तैयार की जाए और इसके बारे में लोगों को विज्ञापनों और सोशल मीडिया के जरिये जागरुक भी किया जाए।

महानगरपालिका की ओर से एडवोकेट अनिल साखरे अदालत में उपस्थित थे। अदालत ने महानगरपालिका की उस नीति पर भी आक्षेप जताया जिसमें कहा गया था कि जहां मंडपों के चलते पैदल चलने और वाहनों के निकलने की व्यवस्था नहीं होगी, वहां वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की जाएगी। अदालत ने कहा कि यह उसके द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के उलट होगा। इसका मतलब होगा कि महानगरपालिका ऐसे मंडपों को बनाने की स्वीकृति देगी जिससे पैदल चलनेवालों को परेशानी के साथ यातायात व्यवस्था अवरुद्ध होगी। मनपा के वकील ने इस पर अदालत से कहा कि यातायात पुलिस मंडपों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करेगी।

बता दें कि ठाणे के महेश बेडेकर ने एक याचिका दायर करते हुए अदालत से मांग की थी कि सड़कों पर गणेशोत्सव के लिए बनाए जाने अस्थाई मंडपों से लोगों और वाहनों के आनेजाने में परेशानी होती है और तेज शोरगुल होता है, जिसे नियंत्रित किया जाना चाहिए।

अदालते के कड़े रुख के बाद महानगर के गणेश मंडलों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है क्योंकि मुंबई में 14 सौ ऐसे गणेश मंडल हैं, जो सड़कों पर पंडाल लगाकर गणेशोत्सव मनाते हैं। स्थिति के मद्देनजर गणेशोत्सव समन्वय समिति ने मांग की है कि 12 तारीख को अदालत के अंतिम आदेश के बाद मुख्यमंत्री अध्यादेश जारी कर कानून में बदलाव करे जिससे गणेशोत्सव निर्विघ्न संपन्न हो सके।

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