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एक दिन में चार झटके: महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, त्रिपुरा और यूपी से कांग्रेस के लिए आई बुरी खबर

पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनावों में हार के बाद अब पार्टी में नेताओं की बगावत आम हो चली है। साथ ही कई दिग्‍गज नेता पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं।

Author June 7, 2016 3:04 PM
पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्‍ठ नेता गुरुदास कामत ने छह जून को 61 वर्षीय कामत ने सक्रिय राजनीति से दूर रहने की घोषणा की थी।

लोकसभा चुनावों में सत्‍ता गंवाने के बाद से संकट से जूझ रही कांग्रेस के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनावों में हार के बाद अब पार्टी में नेताओं की बगावत आम हो चली है। साथ ही कई दिग्‍गज नेता पार्टी का दामन छोड़ रहे हैं। सोमवार को कांग्रेस के लिए चार बुरी खबरें आईं। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्‍ठ नेता गुरुदास कामत ने सोमवार को पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया और राजनीति से संन्‍यास लेने का एलान भी कर दिया। कामत महाराष्‍ट्र से आते हैं और अगले साल मुंबई में निकाय चुनावों से पहले कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है।

कामत को गांधी परिवार का विश्‍वस्‍त माना जाता था। उनका इस्‍तीफा राजनीतिक गलियारों में हैरानीभरा है। पार्टी कार्यकर्ताओं को भेजे संदेश में उन्‍होंने लिखा, ”कई महीनों से मैंने महसूस किया कि मुझे नए लोगों को आगे आने के लिए पीछे हट जाना चाहिए। 10 दिन पहले मैं कांग्रेस अध्‍यक्ष से मिला और इस्‍तीफा देने की मंशा जाहिर की। इसके बाद मैंने उन्‍हें और राहुलजी को खत भेजकर बता दिया कि मैं पार्टी छोड़ना चाहता हूं। इसके बाद से कोई जवाब नहीं आया। मैंने नियमानुसार राजनीति से संन्‍यास लेने के बारे में बता दिया है।”

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि मुंबई इकाई से साइडलाइन किए जाने के चलते कामत नाराज थे। पूर्व कांग्रेस मंत्री ने बताया, ”पार्टी में सुधार के लिए उनकी ओर से दिए गए सुझावों की अनदेखी की गई।” एक अन्‍य नेता ने बताया कि राहुल गांधी की मुंबई कांग्रेस प्रमुख संजय निरूपम से नजदीकियों ने कामत को सबसे ज्‍यादा दुख पहुंचाया। यह भी कहा जा रहा है कि वे राज्‍य सभा के लिए महाराष्‍ट्र से उम्‍मीदवारों के चयन से भी नाखुश थे।

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इधर, छत्‍तीसगढ़ में लगभग 12 साल से सत्‍ता से बाहर कांग्रेस को सोमवार को एक और झटका लगा। वरिष्‍ठ नेता और पूर्व सीएम अजित जोगी ने अपनी नई पार्टी बना ली। अपने पैतृक गांव मरवाही में जोगी ने इस बात का एलान किया। इस दौरान उनके बेटे अमित जोगी, पत्‍नी रेणु और कई कांग्रेस नेता मौजूद थे। हालांकि पार्टी का नाम अभी तय नहीं हुआ है। इस दौरान जोगी ने कहा कि अब राज्‍य के निर्णय दिल्‍ली से नहीं होंगे। उत्‍तर पूर्व में असम में सत्‍ता गंवाने के बाद अब त्रिपुरा में भी कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई है। पश्चिम बंगाल में वाममोर्चे के साथ गठबंधन के मुद्दे पर वरिष्‍ठ नेता और विधायक जितेन सरकार ने पार्टी छोड़ दी। उन्‍होंने स्‍पीकर को इस्‍तीफा सौंप दिया। बता दें कि बंगाल में लेफ्ट से गठबंधन के चलते त्रिपुरा में कई और कांग्रेस नेता भी नाराज हैं।

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उत्‍तर प्रदेश में अगले साल होने वाले चुनाव कांग्रेस के लिए करो या मरो जैसे हो गए हैं। पार्टी ने यहां जीत हासिल करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी है। लेकिन कार्यकर्ता एकजुट नहीं दिख रहे हैं। यहां पर प्रियंका गांधी को पार्टी में लाने की मांग लंबे समय से चल रही है। अब अल्‍पसंख्‍यक मोर्चे ने प्रस्‍ताव पारित किया है कि राहुल गांधी को पार्टी का अध्‍यक्ष बनाया जाए। इसमें कहा गया कि यह काम जल्‍द से जल्‍द पूरा हो ताकि लोगों के दिमाग में भ्रम ना रहे। इसी बीच पार्टी की राज्‍य इकाई ने खुद को इस प्रस्‍ताव से दूर कर लिया है।

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