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राम मंदिरः उद्धव ठाकरे ने दिया था ई-भूमि पूजन का सुझाव, VHP का जवाब- बाला साहब ठाकरे की आत्मा क्या सोच रही होगी?

उद्धव ने सुझाव दिया कि आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ई-भूमिपूजन कर सकते हैं। उद्धव के इस सुझाव पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार नाराज़ हो गए और उन्होने इस बयान को शिवसेना के पतन का परिचायक बता दिया।

उद्धव ठाकरे के राम मंदिर के लिए ई-भूमि पूजन के सुझाव पर भड़की वीएचपी। (file)

अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन पांच अगस्त को किया जाएगा। इससे लेकर महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बयान दिया है जिसके बाद विवाद शुरू हो गया है। ठाकरे ने कहा कि हर कोई अयोध्या जाना चाहता है, लेकिन कोरोना के कारण स्थिति खराब है। उद्धव ने सुझाव दिया कि आप वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ई-भूमिपूजन कर सकते हैं। उद्धव के इस सुझाव पर विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार नाराज़ हो गए और उन्होने इस बयान को शिवसेना के पतन का परिचायक बता दिया।

उद्धव ठाकरे ने हाल ही में कोरोना काल के बीच मंदिर का भूमि पूजन कराने को लेकर ये सुझाव दिया था। ठाकरे ने अयोध्या के कार्यक्रम की जगह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए निर्माण कार्य के औपचारिक आरंभ की वकालत की थी। मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि अयोध्या को लेकर मेरा रुख कभी नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा ‘यह खुशी का कार्यक्रम है और लाखों लोग इस समारोह में शामिल होना चाहते हैं। क्या हम कोरोना वायरस को फैलने की इजाजत दे सकते हैं।’ ठाकरे ने कहा ‘यह एक सामान्य मंदिर नहीं है। आज हम लोग कोविड-19 जैसी महामारी से लड़ रहे हैं। धार्मिक समागम प्रतिबंधित किए गए हैं। मैं समारोह के लिए अयोध्या जा सकता हूं ​लेकिन लाखों रामभक्तों का क्या। आप उन्हें कैसे रोकेंगे।’

इसपर विश्व हिन्दू परिषद् कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा, ‘मुझे उद्धव ठाकरे का वक्तव्य देखकर आश्चर्य हुआ है, जिसमे उन्होंने श्रीरामजन्मभूमि के लिए भूमि पूजन को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराने का सुझाव दिया। यह सुझाव केवल एक अंधे विरोध करने की भावना से आया है।’ आलोक कुमार ने कहा कि यह शिवसेना का कैसा पतन है, जिसे कभी बाला साहब ठाकरे ने प्रखर हिंदुत्व की राजनीति के लिए गढ़ा था।

आलोक कुमार ने आगे कहा कि भूमि पूजन भवन निर्माण के पहले एक आवश्यक और पवित्र रस्म है। भूमि को खोदने से पहले पृथ्वी मां की पूजा की जाती है, उनसे आशीर्वाद मांगा जाता है और वहां नीव खोदने की अनुमति ली जाती है। यह काम दिल्ली में बैठ कर विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से नहीं किया जा सकता। बता दें राम मंदिर का भूमि पूजन पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे।

5 अगस्त को पीएम मोदी हेलीकॉप्टर से अयोध्या के साकेत महाविद्यालय पहुंचेंगे। वहां से उन्हें रामजन्म भूमि ली जाया जाएगा। पीएम मोदी करीब 11:30 बजे अयोध्या के राम मंदिर परिसर पहुंचेंगे। जिसके बाद एक घंटे का भूमि पूजन कार्यक्रम होगा। भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री का संबोधन होगा। ट्रस्ट के मुताबिक पहले भूमि पूजा में शामिल होने के लिए 268 लोगों की सूची तैयार की गई थी लेकिन करीब 200 लोगों के नाम पर आखिरी सहमति बनी है।

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