ईंधन की कथित कमी की खबरों के बीच दिल्ली-एनसीआर समेत देशभर में लोग पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे है। आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ रेस्तरां, स्कूलों और खानपान सेवाओं का कामकाज भी प्रभावित होने लगा है। दिल्ली, उत्तराखंड, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, असम आदि राज्यों में लोग कतारों में देखे गए। इस मुसीबत की घड़ी में कुछ लोगों ने गैस की कालाबाजारी शुरू कर दी है।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 11 मार्च की रात हापुड़ में एक आरोपी के घर पर छापा मारकर घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण का भंडाफोड़ किया। न्यूज एजेंसी ANI के अनुसार, FIR के मुताबिक, पुलिस ने बड़ी मात्रा में सिलेंडर बरामद किया, जिसमें हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HP) गैस के 18 भरे हुए घरेलू सिलेंडर और 14 खाली सिलेंडर शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने कथित तौर पर कबूल किया कि वह अलग-अलग डीलरों से भरे हुए सिलेंडर खरीदता था और उन्हें स्थानीय ग्राहकों को प्रति सिलेंडर 20-30 रुपये के मुनाफे पर बेचता था। उसने यह भी दावा किया कि वह लगभग एक साल से यह अवैध धंधा चला रहा था। पुलिस ने बताया कि यह गतिविधि ‘लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) आदेश, 2000’ का उल्लंघन है। ऐसे कार्य ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955’ का भी उल्लंघन माने जाते हैं और इस अधिनियम की धारा 3/7 के तहत दंडनीय हैं।

पटना में गैस एजेंसी को सील किया

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू LPG सिलेंडरों की आपूर्ति में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्राहकों की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए, पटना जिला प्रशासन ने गुरुवार को अपनी कार्रवाई तेज कर दी। प्रशासन ने एक FIR दर्ज की, जिसके तहत एक दोषी गैस एजेंसी को सील किया, और कालाबाजारी, जमाखोरी तथा डिलीवरी में लापरवाही के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट किया कि जिले में घरेलू LPG की कोई कमी नहीं है। प्रशासन के रुख को दोहराते हुए, DM पटना ने कहा कि ग्राहकों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा, “निष्पक्ष वितरण में बाधा डालने पर सख्त कार्रवाई होगी।” घरेलू LPG सप्लाई से जुड़ी समस्याओं की निगरानी करने और उन्हें हल करने के लिए जिला स्तर पर एक खास हेल्पलाइन शुरू की गई है।

उपभोक्ता रोजाना सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे के बीच 0612-2219810 पर कॉल करके LPG की उपलब्धता, डिलीवरी में देरी या किसी भी तरह की गड़बड़ी से जुड़ी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं या मदद मांग सकते हैं। प्रशासन ने सभी शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करने का भरोसा दिया है।

ब्लॉक स्तर पर, LPG से जुड़ी शिकायतों को हल करने और जमाखोरी पर रोक लगाने के लिए 28 फ्लाइंग स्क्वॉड बनाए गए हैं। गैस डीलरशिप के लिए प्रवर्तन अधिकारी और मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। LPG एजेंसी वाले इलाकों को सेक्टर, जोन और सुपर ज़ोन में बांटा गया है; इनमें ब्लॉक विकास अधिकारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट, वरिष्ठ उप कलेक्टरों को जोनल मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेटों को सुपर जोनल मजिस्ट्रेट के तौर पर नियुक्त किया गया है।

भोपाल में कालाबाजारी का धंधा सामने आया

इधर, भोपाल में भी गैस की कालाबाजारी का धंधा सामने आया है। NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार यहां के अशोका गार्डन इलाके में स्टोव ठीक करने वाली दुकानें कथित तौर पर LPG की अवैध रिफिलिंग और कालाबाजारी का एक नेटवर्क चला रही हैं। ये दुकानें सिलेंडर को सरकारी कीमत से सैकड़ों रुपये ज्यादा दाम पर बेच रही हैं, जबकि दूसरी तरफ जरूरतमंद परिवार खाना पकाने वाली गैस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भी ऐसा ही मामला सामने आया है। यहां ब्लैक में सिलेंडर बेचने वालों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने एजेंसी मालिक और दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही ऐसी कृत्य में शामिल लोगों को सख्त चेतावनी दी है। इस संबंध में गोरखपुर SP ने कहा कि जनपद के गीडा थानाक्षेत्र के नौसड़ पर बुधवार 11 मार्च को ट्रकों से आए सिलिंडरों को गोदाम पर भेजने की बजाय ब्लैक मार्केटिंग करते पाया गया।

उन्होंने कहा कि आपूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर इस मामले में गैस एजेंसी मालिक और दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस मुसीबत के समय में इस तरह के कृत्य में शामिल लोगों को खिलाफ तत्परता से कार्रवाई करने और आम लोगों की मदद के लिए संकल्पित है।

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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब भारत पर भी पड़ने लगा है। दिल्ली-NCR में गैस एजेंसियों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर हालात इतने बिगड़ गए कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को पुलिस बल तैनात करना पड़ रहा है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति बाधित होने का असर स्थानीय बॉटलिंग प्लांट और वितरण व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। पूरी खबर पढ़ें…