वायू प्रदूषण के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर भड़के BKU के राकेश टिकैत, कहा- 10 फीसदी पॉल्यूशन पराली से होता है वो भी डेढ से दो महीने के लिए

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए लगातार किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर जाने BKU के राकेश टिकैत ने नाराजगी जताई है।

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BKU नेता राकेश टिकैत (एक्सप्रेस फोटो)

दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए लगातार किसानों को जिम्मेदार ठहराने पर जाने BKU के राकेश टिकैत ने नाराजगी जताई है। उन्होंने ट्ववीट कर कहा कि पराली जलाने से ज्यादा, किसानों को वायु प्रदूषण के लिए विलेन बनाए जाने पर राजनीतिक दलों को माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट भी कह चुका कि किसानों को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं क्योंकि 10 प्रतिशत प्रदूषण ही पराली से होता है, वह भी डेढ़-दो माह के लिए ऐसा होता है।

राकेश टिकैत ने अपने ट्वीट के साथ PMO इंडिया, योगी आदित्यनाथ और दिल्ली गवर्नमेंट हैशटैग का इस्तेमाल किया है। उनके ट्वीट की प्रतिक्रिया में लोग उनसे अरविंद केजरीवाल का नाम नहीं लिखे जाने का कारण पूछ रहे हैं। बताते चलें कि उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को एक संयुक्त बैठक करने का निर्देश दिया था। मंगलवार को पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश राज्यों ने इस बैठक में हिस्सा लिया।

‘रेड लाइट ऑन, गड्डी ऑफ’ अभियान 15 दिन और चलेगा : दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए “रेड लाइट ऑन, गड्डी ऑफ” अभियान को और 15 दिन के लिए बढ़ाने का फैसला किया है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। “रेड लाइट ऑन, गाड़ी ऑफ” यानी लाल बत्ती पर गाड़ी का इंजन बंद करने की इस पहल को 18 नवंबर को समाप्त होना था। राय ने कहा, “सरकार ने अभियान को 19 नवंबर से तीन दिसंबर तक, 15 दिन और बढ़ाने का फैसला किया है।”

दिल्ली सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ का सुझाव दिया: दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की बैठक में उनकी सरकार ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में ‘वर्क फ्रॉम होम’ नीति लागू करने और कुछ उद्योगों को बंद करने का सुझाव दिया। शहर के प्रदूषण संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को विद्यालयों को एक सप्ताह के लिए बंद करने, निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने और सरकारी कर्मचारियों के लिए ‘वर्क फ्रॉम होम’ सहित कई आपातकालीन उपायों की घोषणा की थी।

दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार तीसरे दिन ‘बहुत खराब’ श्रेणी में: राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को एक्यूआई के 396 पर रहने के साथ ही, लगातार तीसरे दिन वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) सुबह के समय गाजियाबाद में 349, ग्रेटर नोएडा में 359, गुड़गांव में 363 और नोएडा में 382 था। वायु प्रदूषण के बारे में जानकारी देने वाले ‘समीर एप’ के अनुसार, दिल्ली में अधिकतर निगरानी केन्द्रों में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया। द्वारका सेक्टर-8, पटपड़गंज, अलीपुर, शादीपुर, डीटीयू और पंजाबी बाग जैसे कुछ स्थानों पर एक्यूआई 400 के पार रहने के साथ ही, ‘गंभीर’ श्रेणी में रहा।

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