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हकीम ने बताया कि आंदोलन खत्म होगा तो कोरोना खत्म हो जाएगा? राकेश टिकैत बोले- यहां से नजदीक है हॉस्पिटल

टिकैत से जब आंदोलन पर कोरोना के खतरे को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, "अगर हवा में बीमारी फैल रही है, तो राकेश टिकैत कैसे जिम्मेदारी ले लेगा। हम आंदोलन की जिम्मेदारी लेंगे।"

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: April 21, 2021 8:46 AM
RAKESH TIKAIT, RAHUL GANDHI, FARMER PROTEST, FARMER BILL 2020, MODI GOVERNMENTकिसान नेता राकेश टिकैत (फोटोः ट्विटर@sirajnoorani)

देशभर में कोरोनावायरस के केसों के तेजी से बढ़ने के बीच अब किसान आंदोलन पर सवाल खड़े होने लगे हैं। दरअसल, दिल्ली से सटे कई बॉर्डरों पर अब तक किसान डेरा डालकर बैठे हैं। ऐसे में आंदोलनकारियों के बीच भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दूसरी तरफ दिल्ली में लॉकडाउन के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों के एक-साथ रहने से कोरोना गाइडलाइंस भी टूट रही हैं। इसे लेकर जब हाल ही में भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत से सवाल किए गए, तो उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए कहा कि क्या किसी हकीम ने बताया है कि किसान आंदोलन खत्म होगा तो देश से कोरोना खत्म हो जाएगा।

जब टिकैत से पूछा गया कि कोरोना के बढ़ते केसों के बीच किसान आंदोलन खत्म कर देना चाहिए, तो उन्होंने झुंझलाते हुए कहा, “क्यों किसी हकीम ने बताया कि आंदोलन खत्म हो जाएगा, तो देश से कोरोना का केस खत्म हो जाएगा। देश में बीमारियां आ रही हैं, तो आंदोलन का बीमारी से क्या मतलब? दिल्ली के नजदीक हैं, अगर ये गांव में जाएंगे अगर वहां बीमार होंगे, तो दिल्ली आने में टाइम लगेगा। अब यहां पर पट्ठे बीमार होंगे, तो कम से कम अस्पताल तो नजदीक है। मैक्स वाले ने कह रखा है कि किसान जो बैठा है, उसका इलाज मुफ्त में करेंगे।”

टिकैत ने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहा, “दिल्ली में एक हफ्ते का लॉकडाउन लगा दिया गया है। हमने अभी संसद जाने की योजना रद्द कर दी है। ये जमात नहीं है, न ये मरकज है, न ये शाहीन बाग है। ये किसान हैं। जब रिपोर्टरों ने पूछा कि कोरोना से हाल बिगड़ता है किसानों का, तो सारी जिम्मेदारी आप पर पड़ जाएगी। इस पर टिकैत ने कहा कि सरकार पर पड़ेगी इसकी जिम्मेदारी या हॉस्पिटल पर पड़ेगी। कोई बीमारी आती है तो सरकार की जिम्मेदारी है। अभी कई-कई लाख केस आ रहे हैं। तो उसमें भी यही जिम्मेदार रहेगा।”

जब टिकैत से किसान आंदोलन की भीड़ कम होने के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, “भीड़ बुलाएं तो कोरोना का डर दिखाओ, भीड़ न बुलाओ तो भीड़ कम हो गई। आएगी भीड़, जैसे-जैसे सरकार आ जाएगी 3 तारीख को दिल्ली वापस।”

राकेश टिकैत ने कहा कि अगर यहां कोरोना फैलता है तो सरकार की जिम्मेदारी है, अस्पतालों की जिम्मेदारी है। राकेश टिकैत डॉक्टर-हकीम है कोई। अगर हवा में बीमारी फैल रही है, तो राकेश टिकैत कहीं की जिम्मेदारी ले लेगा। हम आंदोलन की जिम्मेदारी लेंगे। ट्रैक्टरों की जिम्मेदारी लेंगे। सरकार को हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं। किसान यहीं रह रहा है, यही हमारा घर है।”

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