दिल्ली की बीमारी लेकर गांव नहीं जाएंगे, राकेश टिकैत बोले- कोरोना होगा तो यहीं होगा इलाज

टिकैत ने ऑक्सीजन कहा, "ऑक्सीजन की कमी पर निर्माताओं का ये बयान सरकार के कहने पर दिया गया है।

Author Edited By कीर्तिवर्धऩ मिश्र नई दिल्ली | April 21, 2021 4:26 PM
farmers protest, rakesh tikait, MSP, modi governmet, BJP, BKU, farm bill, jansattaभारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत (source: PTI)

भारत में कोरोनावायरस के बढ़ते केसों के बीच कई राज्यों ने ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर शिकायत की है। इनमें राजधानी दिल्ली भी शामिल है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ ऑक्सीजन निर्माताओं ने तो यहां तक कहा है कि उन्हें दिल्ली तक ऑक्सीजन पहुंचाने में देर इसलिए लग रही है, क्योंकि किसानों ने कई जगह हाईवे जाम कर दिए हैं। अब इस पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि सप्लायरों ने जब ये बयान दिया, उन्हें ये तक नहीं पता कि ये बॉर्डर खुला है। इसकी जांच होनी चाहिए कि किसके कहने पर उनकी यह बात कही है।

टिकैत ने कहा, “ये सरकारी बयान है। उनके कहने से ये बयान दिया है। हम यहां पर होम क्वारैंटाइन हैं। अपने घर जाएंगे हम। दिल्ली की बीमारी लेकर घर क्यों जाएंगे। कोरोना हो गया तो मैक्स हॉस्पिटल जाएंगे। यहीं इलाज कराएंगे।”

उन्होंने आगे कहा, “बॉर्डर वाले हाईवे से फटाक से गाड़ी आ जाती है। इसकी जांच करवाएंगे हम कि निर्माताओं ने किसके कहने पर इतना बड़ा बयान दिया और किसानों पर ये आरोप लगाया। एंबुलेंस और सारी गाड़ियां यहां से जा रही हैं। यूपी और उत्तराखंड की जो लाइफलाइन है, वो सब यहां से जाती हैं। उनकी गाड़ी कहां रुक रही है।”

जब टिकैत से पूछा गया कि किसान यहां बैठे हुए हैं उसकी वजह से ऑक्सीजन की सप्लाई में दिक्कत आ सकती है, तो टिकैत ने कहा, “यहां हर दिन 300 एंबुलेंस जा रही हैं। उसकी एक गाड़ी सिलेंडर की रुकेगी क्या। ऐसे छोड़ देंगे हम कि यूपी में फैक्ट्री चलाएगा और किसानों के खिलाफ बयान देगा। हम इसकी जांच करेंगे।

गौरतलब है कि राकेश टिकैत इससे पहले भी कह चुके हैं कि अगर किसान आंदोलन वाली जगह पर कोरोना फैलता है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। उन्होंने कोरोना से बचाव की जिम्मेदारी लेने पर कहा था, “राकेश टिकैत को डॉक्टर-हकीम है कोई। अगर हवा में बीमारी फैल रही है, तो राकेश टिकैत कहीं की जिम्मेदारी ले लेगा। हम आंदोलन की जिम्मेदारी लेंगे। ट्रैक्टरों की जिम्मेदारी लेंगे। सरकार को हमारी चिंता करने की जरूरत नहीं। किसान यहीं रह रहा है, यही हमारा घर है।”

 

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