भाकियू के भानू प्रताप ने किसान नेताओं को बताया आतंकी, तालिबान से तुलना की तो सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल

किसान संगठनों के द्वारा बुलाए गए भारत बंद को लेकर बीकेयु भानु के नेता भानु प्रताप सिंह ने किसान नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जैसे आतंकवादी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा किया है, उसी तरह की गतिविधियों को ये बढ़ाना चाहते हैं।

बीकेयू भानु के नेता भानु प्रताप सिंह ने भारत बंद को लेकर किसान नेताओं की तुलना तालिबान से की तो सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल कर दिया। (फोटो: पीटीआई)

पिछले साल दिसंबर के महीने में किसान आंदोलन से अलग होने के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह लगातार प्रदर्शनकारी किसानों और किसान नेताओं के ऊपर बयानबाजी करते हैं। सोमवार को किसानों के द्वारा बुलाए गए भारत बंद को लेकर भी उन्होंने किसान आंदोलन पर निशाना साधते हुए किसान नेताओं को आतंकी बता दिया और तालिबान से तुलना कर दी। किसान नेताओं को आतंकी कहने से नाराज लोगों ने भानु प्रताप सिंह को सोशल मीडिया पर ट्रोल कर दिया।

दरअसल किसान नेता भानु प्रताप सिंह ने कहा कि राकेश टिकैत एंड कंपनी ने जो ऐलान किया था कि 27 तारीख को हम भारत बंद करेंगे तो मैं ये पूछना चाहता हूं कि ये जो अपने आप को किसान नेता बताते हैं और फिर बंद का ऐलान कर रहे हैं। ये देश हमारा है और हम कहते हैं कि देश हमारा है और हमको प्राणों से प्यारा है। भारत बंद से अर्थव्यवस्था पर फर्क पड़ेगा और जो किसान कहीं आ जा रहा है उसपर भी फर्क पड़ेगा।

आगे भानु ने कहा कि क्या भारत बंद करके ये अपनी गतिविधियों को और बढ़ाना चाहते हैं। इनका भारत बंद से क्या फायदा है… मैं ये पूछना चाहता हूं। जो भारत बंद की घोषणा कर रहे हैं वो केवल ये तो बताएं कि हम किसानों के किस फायदे के लिए ये कर रहे हैं। जैसे आतंकवादी संगठन तालिबान ने अफगानिस्तान पर कब्ज़ा किया है, उसी तरह की गतिविधियों को ये बढ़ाना चाहते हैं।

किसान नेताओं की तुलना तालिबान से करने पर कई सोशल मीडिया यूजर्स भड़क गए और लोगों ने भानु प्रताप सिंह को ट्रोल कर दिया। ट्विटर यूजर @ssspanday50 ने भानु प्रताप सिंह के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि ये रहा BJP का किसान नेता, तभी भाजपाई भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, इन्हें अपनी पार्टी की हार नजर आ रही है तभी अनर्गल बयान दे रहे हैं। ट्विटर हैंडल @ChitwanGodara ने लिखा कि वैसी बहुत अच्छी भी नहीं चल रही है अर्थव्यवस्था, भाईसाहब। आंखों से पट्टी उतारिए। साल हो जाएगा लोगों को सड़क पर उतरे हुए।

इसके अलावा अर्येश पटेल नाम के यूजर ने लिखा कि मैं इनके बयान का पूर्णता खंडन करता हूं, जब खुद कुछ नहीं कर सकते तो मुंह बंद ही रखना चाहिए, सरकार की भाषा बोलने पर शर्म आनी चाहिए। इतना ही नहीं कुछ यूजर्स ने तो भानु प्रताप सिंह को सरकार और भाजपा का एजेंट भी बता दिया।

बता दें कि पिछले साल दिसंबर के महीने में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात के बाद भारतीय किसान यूनियन (भानु गुट) के अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने अपने संगठन की ओर से नोएडा बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन आंशिक रूप से ख़त्म कर लिया था। बाद में 26 जनवरी को हुए लाल किला हिंसा के बाद उन्होंने पूरी तरह से नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर चल रहे धरने को ख़त्म कर दिया था। हालांकि इस संगठन को संयुक्त किसान मोर्चा में भी शामिल नहीं किया गया था

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