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बढ़ीं कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा की मुश्किलें, BJP की प्रज्ञा ठाकुर ने भेजा लीगल नोटिस

एक हफ्ते पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने भी अवमानना से जुड़े एक मामले में रचिता तनेजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

Author Edited By कीर्तिवर्धन मिश्र नई दिल्ली | Updated: December 25, 2020 9:49 AM
Pragya Singh Thakur, BJPबीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर। (फाइल फोटो- PTI)

बीजेपी सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने उनके ‘डोमेन’ नाम का इस्तेमाल करने के लिए कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा को बृहस्पतिवार को एक कानूनी नोटिस भेजा। मध्यप्रदेश में भोपाल की सांसद ठाकुर ने तनेजा को ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट प्रज्ञा सिंह ठाकुर डॉट कॉम’ डोमेन नाम या वेबसाइट का इस्तेमाल तुरंत बंद करने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट के लिए तनेजा को अलग से कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

‘तनेजा जानबूझकर कर रहीं बदनाम’: अधिवक्ता नमित सक्सेना के जरिए भेजे कानूनी नोटिस में आरोप लगाया गया है कि तनेजा जानबूझकर ऐसे पोस्ट करती हैं जिसमें ठाकुर को ‘आतंकवादी’ कहा जाता है और उनकी एकमात्र मंशा प्रज्ञा को बदनाम करना है। नोटिस में आगे आरोप लगाया गया है कि ठाकुर के बारे में तनेजा खास तरह का विमर्श शुरू करना चाहती हैं ताकि उनके लंबित मुकदमों पर असर पड़े।

कानूनी नोटिस में कहा गया है कि ठाकुर 24 मई 2019 को सांसद निर्वाचित हुई थीं और दो सप्ताह बाद 8 जून 2019 को रचिता तनेजा ने ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट प्रज्ञा सिंह ठाकुर डॉट कॉम’ का डोमेन अपने नाम रजिस्टर्ड करा लिया। आरोप लगाया गया कि तनेजा सोशल मीडिया पर अपने पोस्ट से जानबूझकर बीजेपी नेता की गलत छवि बनाती हैं।

ठाकुर ने दिल्ली के अपने वकील के जरिए भेजे गए नोटिस में तनेजा के कुछ पोस्ट का भी संदर्भ दिया है। नोटिस में आरोप लगाया कि इसका मकसद सांसद के खिलाफ सुनवाई कर रही पीठ के काम को प्रभावित करना और ठाकुर को परेशान करना है। नोटिस में तनेजा से उक्त वेबसाइट या डोमेन का इस्तेमाल नहीं करने को कहा गया है। इसमें कहा गया है, ‘‘अगर आप इस नोटिस में कही गई बातों का पालन नहीं करेंगी तो हम आपके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू करेंगे।’’

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ही शीर्ष अदालत की अवमानना के मामले में रचिता तनेजा को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। उनके अलावा कॉमेडियन कुणाल कामरा को भी नोटिस दिया गया था। दोनों से ही कोर्ट ने छह हफ्ते के अंदर जवाब मांगा है।

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