ओपी शर्मा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश - Jansatta
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ओपी शर्मा की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश

दिल्ली विधानसभा की आचरण समिति ने भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा की सदन की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है। आचरण समिति की यह सिफारिश आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और उसपर कोई खेद नहीं प्रकट करने के मामले में है।

Author नई दिल्ली | April 1, 2016 3:56 AM
भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा

दिल्ली विधानसभा की आचरण समिति ने भाजपा विधायक ओम प्रकाश शर्मा की सदन की सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है। आचरण समिति की यह सिफारिश आप विधायक अलका लांबा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने और उसपर कोई खेद नहीं प्रकट करने के मामले में है। नौ सदस्यीय समिति ने बुधवार को सदन के पटल पर प्रतिवेदन रखा, जिस पर गुरुवार को चर्चा होनी है।

बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान भी आप विधायकों ने ओम प्रकाश शर्मा द्वारा आपत्तिजनक शब्द के प्रयोग का आरोप लगाया, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ने शब्द को कार्यवाही से बाहर निकालने का फैसला किया और सदस्यों से इस मामले को लिखित में उनके संज्ञान में लाने को कहा। अध्यक्ष ने कहा कि क्या कार्रवाई की जा सकती है, वे विचार करेंगे।

पिछले साल नवंबर में दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने सदन के अंदर अलका लांबा के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर शर्मा को शीतकालीन सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया था। अध्यक्ष ने इस मामले को आगे की जांच के लिए आचार समिति के पास भेज दिया था। दस बैठकों के बाद समिति की रिपोर्ट में कहा गया है, ‘25 नवंबर, 2015 की कार्यवाही से यह पूरी तरह स्पष्ट हो जाता है कि शर्मा ने लांबा के खिलाफ बिलकुल अपमानजनक और मानहानिकारक ढंग से शब्दों का इस्तेमाल किया।

यह चरित्र हनन जैसा है’। समिति ने रिपोर्ट में कहा है कि ओम प्रकाश शर्मा ने अलका लांबा के विरुद्ध अपने कथन को मात्र एक प्रतिक्रिया बताते हुए अपने कथन को सही सिद्ध का प्रयास किया। यह इस निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए पर्याप्त है कि सदन में लांबा के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करके ओम प्रकाश शर्मा ने जो घोर अपराध किया, उसका उन्हें स्वयं पूरा आभास था।

समिति ने अपनी संस्तुति में कहा है कि ओम प्रकाश शर्मा के खाते में अशोभनीय व्यवहार के लिए विधानसभा अध्यक्ष द्वारा सर्वाधिक बार सदन से नामित किए जाने वाले विधायक का रिकार्ड है और वे आदतन दोषी हैं। साथ ही शर्मा के खाते में सदन की कार्यवाही में बार-बार व्यवधान उपस्थित करने का इतिहास है, दिसंबर में दिल्ली विधानसभा ने बजट सत्र के दौरान माइक को क्षति पहुंचाने का दोषी पाए जाने पर उनपर जुर्माना लगाया गया था।

ऐसी हरकत को लेकर चेतावनी दी थी। समिति ने इनका उल्लेख करते हुए कहा है कि पिछली भूलों से उन्होंने कुछ सीखा है या उन्हें कोई पश्चाताप है, ऐसा कोई भाव शर्मा ने प्रकट नहीं किया। समिति ने निष्कर्ष निकालते हुए कहा कि सभी तथ्यों को देखते हुए समिति के समक्ष ओम प्रकाश शर्मा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की छठी विधानसभा की सदस्यता से निष्काषित किए जाने की सिफारिश करने के अतिरिक्त कोई अन्य विकल्प नहीं है।

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