सोरेन सरकार पर बीजेपी की निगाहेंः कांग्रेस MLA का आरोप- सरकार गिराने को 1 करोड़ और मंत्री पद का था ऑफर

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें उन लोगों के चेहरे याद नहीं जो उनके पास आए थे, इसलिए वह पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि गिरफ्तार किए गए तीनों वही लोग थे जो उनसे संपर्क कर रहे थे।

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राहुल गांधी के साथ विधायक नमन बिक्सल कोंगारी। (फाइल फोटो/ट्विटर)

झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को गिराने की साजिश रचने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद, कांग्रेस के एक विधायक ने दावा किया कि झामुमो-कांग्रेस-राजद गठबंधन को तोड़ने के लिए अज्ञात लोगों ने उनसे 1 करोड़ रुपये और मंत्री पद के लिए कई बार संपर्क किया।

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक कोलेबिरा विधायक नमन बिक्सल कोंगारी से तीन लोगों ने करीब आधा दर्जन बार संपर्क किया। विधायक ने बताया: “तीन लोगों ने मेरी पार्टी के कार्यकर्ताओं के माध्यम से मुझसे संपर्क किया था कि वे कुछ कंपनियों के लिए काम करते हैं। मेरे दूर जाने के लिए कहने के बावजूद, वे वापस आने का रास्ता खोज लेते थे…. एक बार, उन्होंने मुझे 1 करोड़ रुपये से अधिक नकद की पेशकश की। मैंने तुरंत सीएलपी [कांग्रेस विधायक दल] के नेता आलमगीर आलम और कांग्रेस झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह को सूचित किया। मैंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी को भी इसकी जानकारी दी थी।”

नेता ने बताया, “उन्होंने मुझसे यह कहते हुए संपर्क किया था कि पैसे के अलावा, मुझे अल्पसंख्यक और आदिवासी मामलों से संबंधित हमारे सभी एजेंडे के लिए एक मंत्री पद और समर्थन मिलेगा। उन्होंने मुझे यह भी बताया कि वे बीजेपी के लिए ऐसा कर रहे हैं। हालांकि, बीजेपी के किसी भी कार्यकर्ता ने मुझसे संपर्क नहीं किया।”

कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें उन लोगों के चेहरे याद नहीं जो उनके पास आए थे, इसलिए वह पुष्टि नहीं कर सकते हैं कि गिरफ्तार किए गए तीनों वही लोग थे जो उनसे संपर्क कर रहे थे। इससे पहले रांची पुलिस ने शनिवार को अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद महतो को गिरफ्तार किया, जिन्होंने कबूल किया कि उन्होंने राजनीतिक हस्तियों से संपर्क करने की योजना बनाई और उन्हें नकद की पेशकश की। उन्हें कांग्रेस के बेरमो विधायक कुमार जयमंगल की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।

आईपीसी की धारा 419 (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी), 124 ए (देशद्रोह), 120 बी (आपराधिक साजिश) और भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों में से दो, दुबे और सिंह, सरकारी कर्मचारी हैं, जबकि तीसरा आरोपी महतो शराब विक्रेता माना जाता है।

बता दें कि झारखंड विधानसभा में, 81 सदस्यों में से, हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के 30 विधायक हैं, कांग्रेस के 16, झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) (जेवीएमपी) के 3, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का 1, निर्दलीय चार, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 25 विधायक हैं।

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