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पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा ना दिला पाने पर बीजेपी ने कांग्रेस को ठहराया जिम्मेदार, छेड़ेगी आंदोलन

केंद्र सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाना चाहती है। कांग्रेस ने ही राज्यसभा में ओबीसी आयोग के इस बिल को गिराया।

Author चंडीगढ़ | Published on: August 3, 2017 12:39 AM
amit shahभारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (पीटीआई)

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने हरियाणा प्रवास के पहले दिन कांग्रेस के खिलाफ राष्ट्रीय  स्तर पर चलने वाले आंदोलन का एलान कर दिया है। पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाने में असमर्थ रही भाजपा ने इसके लिए सीधे तौर पर कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहरा दिया है और अब सड़क से लेकर संसद तक कांग्रेस के खिलाफ अभियान छेड़ा जाएगा।अमित शाह ने बुधवार को पहले दिन के प्रथम सत्र के दौरान मंत्रियों, विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों व विभिन्न मोर्चों-प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों की बैठक में यह एलान किया। बंद कमरे में हुई बैठक में एक नेता ने संगठन में पिछड़े वर्ग के कार्यकर्ताओं को महत्त्व देने की मांग रखी। इस नेता ने केंद्रीय व राज्य स्तरीय चुनाव समितियों में भी पिछड़े वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की बात उठाई। अमित शाह ने इस सुझाव पर कुछ पलों के लिए अपनी चुप्पी तोड़ी और उनके चेहरे के हाव-भाव बदल गए।

शाह ने कांग्रेस पर हमलावर होने की मुद्रा में कहा, सबकुछ कांग्रेस का किया धरा है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिलाना चाहती है। कांग्रेस ने ही राज्यसभा में ओबीसी आयोग के इस बिल को गिराया। लंबे समय तक पिछड़ा वर्ग पर राजनीति करती रही कांग्रेस की सच्चाई अब लोगों के सामने लाने की जरूरत है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वह जिलों में जाकर कांग्रेस की पोल खोलें।भाजपा अध्यक्ष ने दो दर्जन के करीब नेताओं के सुझाव सुने। बैठक जब एक घंटा से भी अधिक चली तो उन्होंने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं से कहा, जो भी कार्यकर्ता अपने सुझाव देना चाहते हैं, अब वे लिखकर सुझाव दें। बताते हैं कि बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारियों ने लिखित में अपने सुझाव शाह को सौंपे हैं।

अंतरजातीय विवाह को दें बढ़ावा

अमित शाह से रूबरू होते हुए पार्टी के एक पदाधिकारी ने अंतरजातीय विवाह का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जातपात की समस्या से निपटने के लिए इससे अच्छा कोई तरीका नहीं हो सकता। दूसरी जातियों में शादियां होंगी तो लोगो के बीच भाईचारा भी बढ़ेगा। इस सुझाव का बैठक में मौजूद पार्टी के कई अन्य नेताओं ने भी समर्थन किया।

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