पश्चिम बंगाल की फाल्टा विधानसभा सीट पर हुए दोबारा मतदान में भाजपा ने 1.09 लाख वोटों के भारी अंतर से जीत हासिल कर ली है। यह सीट कभी टीएमसी की गढ़ हुआ करती थी, लेकिन इस बार वह चौथे स्थान पर खिसक गई और जमानत तक जब्त हो गई। जबकि सीपीआई (एम) दूसरे स्थान पर रही।

फाल्टा विधानसभा सीट टीएमसी में दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी के डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2024 के संसदीय चुनाव में यहां से उन्हें 1 लाख से अधिक वोटों से बढ़त मिली थी।

शुभेंदु अधिकारी ने किया पोस्ट

इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा की जीत के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “बदनाम, डायमंड हार्बर मॉडल अब टीएमसी के लगातार हार मॉडल में बदल गया है। सबसे पहले और सबसे अहम बात मैं फाल्टा की जनता को नमन करता हूं और हम यह कर्ज विकास के जरिए चुकाएंगे। हम एक स्वर्णिम फाल्टा बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

TMC और अभिषेक बनर्जी को निशाना बनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “एक धोखेबाज जो अचानक आया और उसे कमांडर घोषित कर दिया गया, उसने हर मुमकिन अपराध किया। नतीजतन पिछले चुनाव को एक मजाक बनाते हुए टीएमसी ने इस विधानसभा क्षेत्र में 1.5 लाख वोटों की बढ़त बना ली थी। उन्होंने कहा कि इस चुनाव ने असलियत सामने ला दी है और टीएमसी के लिए अस्वीकृति का एक लंबा सफर अभी बाकी है।”

ममता बनर्जी ने लगाए आरोप

नतीजे आने के बाद ममता बनर्जी ने रविवार और चार मई को वोटों की गिनती की रफ्तार में साफ तौर पर विसंगतियों का आरोप लगाया और कहा, “उसके बाद से जो घटनाक्रम हुए हैं वे बेहद चिंताजनक हैं और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के मूल पर चोट करते हैं।”

ममता बनर्जी, फाल्टा एसी के दोबारा हुए मतदान की आज की गिनती में कई बड़ी विसंगतियां सामने आईं हैं। दोपहर 3.30 बजे तक, सभी 21 राउंड पूरे हो चुके थे। 4 मई को इस समय तक केवल 2 से 4 राउंड हुए थे। देश चुनाव आयोग से इस बारे में स्पष्टीकरण का हकदार है। हालांकि पिछले 10 दिनों में फाल्टा के 1000 से अधिक कार्यकर्ताओं को अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर होना पड़ा है, फिर भी चुनाव आयोग ने इस पर आंखे मूंदे रखीं। दिन-दहाड़े पार्टी दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई, तब भी जब आदर्श आचार संहिता लागू थी। ममता बनर्जी ने कहा, गिनती की प्रक्रिया की जवाबदेही तय करने और एक स्वतंत्र सीसीटीवी ऑडिट कराने की मांग की।

वोटों की गिनती डायमंड हार्बर महिला यूनिवर्सिटी में की गई। चुनाव आयोग ने 21 मई को वोटिंग और वोटों की गिनती के लिए फाल्टा में केंद्रीय बलों की 35 कंपनियां तैनात की थीं।

जांच के घेरे में अभिषेक

टीएमसी की इस बड़ी हार की गंभीरता अभिषेक के लिए एक चेतावनी है, जो ममता बनर्जी के संभावित उत्तराधिकारी हैं और पहले से ही अपनी ही पार्टी के भीतर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। इस कारण उनके डायमंड हार्बर मॉडल पर भी सवाल उठ सकते हैं। यह शासन और संकट प्रंबधन की एक ऐसी रणनीति है जिसके बारे में टीएमसी का दावा था कि यह इस संसदीय क्षेत्र को बाकी क्षेत्रों से अलग बनाती है।

2 मई को नतीजे घोषित होने से ठीक दो दिन पहले अभिषेक ने बीजेपी नेतृत्व को चुनौती देते हुए कहा था, “उनके डायमंड हार्बर मॉडल में जरा सी भी सेंध लगाने के लिए 10 जन्म भी कम पड़ जाएंगे। आपके पास जो कुछ भी है, सब ले आइए। मैं पूरे मोदी सरकार को चुनौती देता हूं फाल्टा आइए अपने सबसे मजबूत नेता को भेजिए, दिल्ली से किसी गॉड फादर को भेजिए। अगर आपमें हिम्मत है तो फाल्टा से चुनाव लड़िए।”

तेजी से बिखर रही टीएमसी

टीएमसी जो कभी अपने जमीनी संगठनात्मक नेटवर्क के लिए जानी जाती थी, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद ऐसा लग रहा है कि यह तेजी से बिखर रही है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि फाल्टा की असफलता रविवार को मतगणना केंद्र पर पार्टी ने कोई एजेंट नहीं उतारा और वोटिंग के दिन बूथों पर तैनात करने के लिए पोलिंग एजेंट ढूंढने में उसके काफी मशक्कत करनी पड़ी। यह दिखाती है कि जिस क्षेत्र को कभी उसकी गढ़ माना जाता था, वहां बूथ-स्तर के प्रबंधन पर उसकी पकड़ ढीली पड़ गई है।

फाल्टा में दूसरे स्थान पर सीपीआई (एम) के लिए एक बड़ा हौसला बढ़ाने वाला कदम है, जिससे अब उसे मुख्य विपक्षी दल के तौर पर टीएमसी को चुनौती देने का आत्मविश्वास मिलेगा। कांग्रेस जो तीसरे स्थान पर रही, उसे भी यह महसूस होगा कि उसके पास विपक्ष की स्थिति को फिर से वापस आने का मौका हो सकता है, जिससे पिछले कई सालों से लगातार घटते जा रहे अपने जनाधार को वह फिर से बढ़ा सकेगी।

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तृणमूल कांग्रेस के गढ़ के रूप में मशहूर फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के पुनर्निर्वाचन में अभूतपूर्व राजनीतिक इतिहास रचा गया है। डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली इस सीट पर भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने जीत दर्ज की है। देबांग्शु पांडा ने लगभग 1,09,000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की है। BJP कैंडिडेट को रिपोलिंग में लगभग डेढ़ लाख वोट मिले। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें