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पत्रकारों ने पूछा- मोदी सरकार को कितने नंबर देंगे? मुरली मनोहर जोशी बोले- कॉपी में कुछ लिखा हो तब तो नंबर दूं

जोशी रविवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में थे। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एनडीए सरकार के बनाए हुए नीति आयोग पर सवाल किया कि आखिर इसे आयोग नाम क्यों दिया गया? नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांस्फॉर्मिंग इंडिया इसका नाम है। लेकिन किसी को नहीं पता कि यह करता क्या है?

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी ने अपनी ही पार्टी और नेताओं को कठघर में खड़ा कर दिया है। रविवार (20 मई) को उनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को लेकर सवाल किए गए, जिस पर उन्होंने अटपटे जवाब दिए। पत्रकारों ने पूछा कि आप मोदी सरकार को कितने नंबर देंगे, तो वह जवाब में बोले, “कॉपी में कुछ लिखा हो, तब तो नंबर दूंगा।”

आपको बता दें कि जोशी उत्तर प्रदेश के कानपुर से सांसद हैं। बीजेपी के कद्दावर नेता और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में जोशी पार्टी के माने हुए नेताओं में गिने जाते थे। हालांकि, कुछ लोगों का मानना है कि साल 2014 में मोदी सरकार के बनने के बाद से पार्टी में उनका पहले जैसा रुतबा नहीं रहा है। यह भी कहा जाता है कि उनकी पीएम मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से विचारधारा मेल नहीं खाती।

जोशी रविवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में थे। एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने एनडीए सरकार के बनाए हुए नीति आयोग पर सवाल किया कि आखिर इसे आयोग नाम क्यों दिया गया? नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रांस्फॉर्मिंग इंडिया इसका नाम है। लेकिन किसी को नहीं पता कि यह करता क्या है। यह कौन सी योजनाएं बनाता है और किसके लिए काम करता है, यह साफ नहीं है।

शिक्षा के मुद्दे पर आगे वह बोले, “निजी क्षेत्र से जुड़े और सरकार शिक्षा का विकास नहीं कर पा रही हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) अगर पैसा नहीं दे रही है तो सवाल किया जाना चाहिए कि इतना पैसा आखिर जा कहां रहा है।”

याद दिला दें कि नरेंद्र मोदी की सरकार को इसी मई महीने में चार साल पूरे हो जाएंगे। 26 मई को उनकी सरकार की चौथी सालगिरह होगी। उससे पहले बीजेपी मार्गदर्शक मंडल में रहे जोशी की यह टिप्पणी इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह जाती है।

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