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‘पत्रकारों से दोस्‍ती बनाकर चलें’, बीजेपी ने सांसदों-विधायकों को थमाई 65 पन्‍नों की गाइडलाइंस

गाइडबुक के सोशल मीडिया पेज पर बताया गया है कि सांसदों और विधायकों का निजी स्टाफ काफी अहम होता है। निजी स्टाफ ही मीडिया के साथ संपर्क में रहता है। ऐसे में निजी स्टाफ की कोशिश मीडिया में पार्टी की छवि बेहतर बनाने की रहे।

Author September 9, 2018 8:43 AM
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल फोटो)

आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा काफी सक्रिय दिखाई दे रही है। पार्टी की छवि को बेहतर करने के लिए और मतदाताओं से जुड़े रहने के लिए पार्टी ने अपने सांसदों और विधायकों के लिए 65 पन्नों की एक गाइडलाइंस जारी की है। इस गाइडलाइंस में उन बातों की लिस्ट है, जिन पर भाजपा नेताओं को गंभीरता से अमल करना है और उन बातों की भी लिस्ट है, जिनसे भाजपा नेताओं को बचना है, जैसे कि पत्रकारों के साथ संबंध अच्छे रखें, ताकि वह जनता के सामने पार्टी की छवि बेहतर पेश करें। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें और अपने समर्थकों से जुड़े रहें आदि बातों का जिक्र है। भाजपा की इस कवायद की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पार्टी ने अपने सांसदों और विधायकों के निजी स्टाफ के लिए भी एक ट्रेनिंग सत्र का आयोजन किया। यह ट्रेनिंग सेशन गुरुवार और शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित हो रहा है। 65 पेज की इस गाइडलाइंस के मुताबिक भाजपा सांसदों और विधायकों को फाइनेंशियल मैनेजमेंट, जिसमें सांसद या विधायक निधि के धन का इस्तेमाल कैसे करना है? अपनी यात्राओं को कैसे मैनेज करना है? और पर्सनल डेवलेपमेंट कैसे करना है? इस बात की जानकारी दी गई है।

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भाजपा के ट्रेनिंग डिपार्टमेंट द्वारा इस गाइडबुक को जारी किया गया है। इस गाइडबुक में पार्टी के इतिहास और उसकी विचारधारा के बारे में भी जानकारी दी गई है। इसके साथ ही भाजपा की विभिन्न सामाजिक कल्याण की योजनाएं, पार्टी के सामने आने वाली चुनौतियां और सरकार की आर्थिक नीतियों के बारे में विस्तार से बताया गया है। गाइडबुक के सोशल मीडिया पेज पर बताया गया है कि सांसदों और विधायकों का निजी स्टाफ काफी अहम होता है। निजी स्टाफ ही मीडिया के साथ संपर्क में रहता है। ऐसे में निजी स्टाफ की कोशिश मीडिया में पार्टी की छवि बेहतर बनाने की रहे। निजी स्टाफ मीडिया के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें। पत्रकारों को ज्यादा इंतजार ना कराया जाए और निजी स्टाफ खुद मीडिया से बात ना करे बल्कि सिर्फ सांसदों, विधायकों और मीडिया के बीच संपर्क-सूत्र (कॉर्डिनेशन) का काम करे।

सोशल मीडिया इस्तेमाल करते हुए पार्टी नेताओं को इस बात का ध्यान रखने की हिदायत भी दी गई है कि भाजपा नेता कोई अधिकारिक पोस्ट करते समय गैर-जरुरी लोगों को टैग करने से बचें। इसके साथ ही पार्टी का फोकस पार्टी की विचारधारा से लोगों को अवगत कराना भी है। पार्टी ऐसे लोगों का एक डाटाबेस तैयार कर रही है, जो पार्टी की विचारधारा और उसके दर्शन को समझते हैं। पार्टी ऐसे लोगों के पेज को खुद हैंडल करेगी। पार्टी के डाटाबेस में ऐसे लोगों के मोबाइल नंबर, ईमेल, सोशल मीडिया हैंडल, व्हाट्सएप नंबर आदि की जानकारी रखी जाएगी। गाइडलाइंस के अंत में एक चेतावनी भी दी गई है। जिसमें कहा गया है कि “भाजपा अन्य पार्टियों के जैसी पार्टी नहीं है। हमारी एक विचारधारा है, एक बड़ा कैडर बेस है, काम करने की एक खास शैली है, जो देश को भविष्य में नई ऊचाईंयों पर लेकर जाएगा। ऐसे में आपके कामों में यह बात झलकनी चाहिए।”

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