किसान आंदोलन में हरी टोपी, हरी पगड़ी पर बोले संबित पात्रा- टिकैत असली सरदार या कैप्टन अमरिंदर सिंह?

टीवी डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवाल पूछने वाले लहजे में कहा कि पंजाब के किसानों और सिखों के लिए टिकैत या कैप्टन में से ज्यादा वंदनीय कौन हैं। ये फैसला तो पंजाब की जनता करेगी।

टीवी डिबेट में भाजपा नेता संबित पात्रा ने राकेश टिकैत पर सवाल उठाते हुए कहा कि टिकैत या कैप्टन अमरिंदर सिंह में कौन असली सरदार हैं। (एक्सप्रेस फोटो/ एएनआई)

बीते 10 महीने से भी अधिक समय से दिल्ली की सीमाओं पर किसानों का आंदोलन जारी है। किसान केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बन चुके राकेश टिकैत सहित अधिकांश प्रदर्शनकारी किसान विभिन्न कार्यक्रमों के दौरान हरी टोपी या हरी पगड़ी में नजर आते हैं। किसान आंदोलन से जुड़े मुद्दे पर एक टीवी डिबेट के दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने किसान आंदोलन में हरी टोपी और हरी पगड़ी को लेकर राकेश टिकैत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर टिकैत असली सरदार हैं या कैप्टन अमरिंदर सिंह हैं?

आजतक न्यूज चैनल पर आयोजित डिबेट शो के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप के एक सवाल के जवाब में भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि मैं राकेश टिकैत का जवाब देने के लिए यहां नहीं आया हूं। आज पंजाब और कैप्टन अमरिंदर सिंह का विषय है। साथ ही उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि पंजाब के लिए कैप्टन अमरिंदर सिंह ज्यादा महत्वपूर्ण हैं या राकेश टिकैत की कप्तानी महत्वपूर्ण है।

आगे संबित पात्रा ने कहा कि मैं चैनल पर चल रहे विजुअल्स को बड़े गौर से देख रहा था। मुझे एक जगह हरी पगड़ी दिखाई दे रही थी और एक जगह हरी टोपी दिखाई दे रही थी। आप ही ये निर्णय लीजिए कि पगड़ी को सलाम होगा या टोपी को सलाम होगा। मैं तो पगड़ी को सलाम करूंगा। एक की टोपी फीकी थी और पगड़ी भारी व गौरवशाली था। अगर मैं सरदार हूं, असरदार हूं और पंजाबी हूं तो पगड़ी को सलाम करूंगा।

इसी दौरान भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सवाल पूछने वाले लहजे में कहा कि कौन असली सरदार हैं, राकेश टिकैत असली सरदार हैं या कैप्टन अमरिंदर सिंह असली सरदार हैं। पंजाब के किसानों और सिखों के लिए टिकैत या कैप्टन में से ज्यादा वंदनीय कौन हैं। ये फैसला तो पंजाब की जनता करेगी। साथ ही संबित पात्रा ने कहा कि हमने कभी भी कैप्टन अमरिंदर सिंह की देशभक्ति और राष्ट्रभक्ति पर कभी शक नहीं किया। जब वो कांग्रेस में भी थे तब भी हमने उनके राष्ट्रभक्ति के ऊपर संदेह नहीं किया।                  

गौरतलब है कि किसान आंदोलन को 10 महीने से भी अधिक का समय हो चुका है। इतने दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। जनवरी महीने के बाद से ही किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच कोई बातचीत नहीं हुई है। केंद्र सरकार ने आखिरी मीटिंग में तीनों कानूनों को डेढ़ साल तक निलंबित करने का प्रस्ताव भी दिया था लेकिन किसान संगठनों ने इसे नामंजूर कर दिया था। प्रदर्शनकारी किसान तीनों कानूनों की वापसी को लेकर अड़े हुए हैं।

इसी बीच पंजाब में जारी राजनीतिक संकट के बीच पिछले दिनों मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान भी कर दिया है। नई पार्टी का ऐलान करते हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठकुराल ने उनके हवाले से लिखा कि  पंजाब के भविष्य की लड़ाई जारी है। मैं जल्द ही अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान करूंगा जो पंजाब, उसके लोगों और किसानों के हितों के लिए काम करेगी जो एक साल से भी ज्यादा समय से अपने अस्तित्व के लिए लड़ाई कर रहे हैं।

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