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तिलक की पुण्यतिथि पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने बनाया पेंसिल स्केच, लोगों ने सावरकर का नाम लेकर कर दिया ट्रोल

ट्वीट में पात्रा ने लिखा कि भारत के "प्रथम स्वतंत्रता सेनानी" को एक विशेष श्रद्धांजलि देने का विचार...लोकमान्य। इसलिए उनका पेंसिल स्केच बनाया। कई साल बाद अपना एक शौक को फिर से करना अच्छा लगा ...।

BJP spokesperson, Sambit Patra, Bal Gangadhar Tilakलोगों ने कहा कि सावरकर को श्रद्धांजलि देना ज्यादा आसान है। (फोटोः twitter/@sambitswaraj)

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक बाल गंगाधर तिलक को उनकी 100वीं पुण्यतिथि पर पेंसिल स्केच बनाकर श्रद्धाजंलि दी। पात्रा ने खुद के स्केच बनाती हुई तस्वीर को ट्वीट किया।

ट्वीट में पात्रा ने लिखा कि भारत के “प्रथम स्वतंत्रता सेनानी” को एक विशेष श्रद्धांजलि देने का विचार…लोकमान्य। इसलिए उनका पेंसिल स्केच बनाया। कई साल बाद अपना एक शौक को फिर से करना अच्छा लगा …। पात्रा ने जब इस तस्वीर को ट्वीट किया तो सोशल मीडिया पर लोगों ने सावरकर के नाम पर उन्हें ट्रोल कर दिया।

एक @RuplekhaMitra1 ने कहा कि क्या आपने वास्तव में इस पेंटिंग को बनाया है, क्योंकि इसे बनाने के लिए आपको हार्ड और सॉफ्ट दो प्रकार की पेंसिलों की आवश्यकता होती है। लेकिन यहां केवल हार्ड पेंसिल ही दिख रही है। लेकिन क्यों आपका विषय RSS ब्रिटिश एजेंट सावरकर की बजाय एक स्वतंत्रता सेनानी है।

एक अन्य यूजर @Binoy_R ने कहा कि ये स्केच बनाए जाने की जगह आप सॉरी लिख लें, इससे आपको मदद मिलेगी। स्केच के प्रिंटआउट से दुनिया को बेवकूफ बना रहे हैं। एक अन्य यूजर @stylistanu ने लिखा कि लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक को श्रद्धांजलि देने से कही आसान है सावरकर को श्रद्धांजलि देना. बस एक पेज पर ‘सॉरी’ लिखना है।

एक यूजर ने पात्र ने ट्वीट किया, ढोंगी पात्रा, कैमरे के सामने स्कैच आर्टिस्ट बन रहा है। वहीं, एक यूजर ने लिखा कि कोरोना के टाइम में आप डॉक्टरी छोड़ सब कुछ करोगे। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के नायकों में से एक बाल गंगाधर तिलक को उनकी 100वीं पुण्यतिथि पर शनिवार को श्रद्धांजलि दी।

पीएम ने कहा कि उनका ज्ञान, साहस और ‘‘स्वराज’’ का विचार लोगों को प्रेरित करता है। मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का एक संक्षिप्त वीडियो भी साझा किया जिसमें उन्होंने ब्रिटिश राज के खिलाफ लोगों को एकजुट करने के तिलक के प्रयासों का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री ने याद किया कि कैसे तिलक ने लोगों में आत्मविश्वास जगाया था और ‘‘स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा’’ का नारा दिया था।

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