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भगोड़ा नंबर-1 कौन है…देश जानता है- बोले BJP प्रवक्ता, INC नेत्री का जवाब- सुषमा स्वराज के सामने सोनिया लड़ी थीं, किसने भगा दिया था?

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूरे देश को पता है कि भगोड़ा नंबर वन कौन है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेठी से वायनाड कौन भागा है यह भी पूरी दुनिया जानती है। गौरव ने आगे कहा कि ट्रैक्टर की बात वो लोग कर रहे हैं जिनका अपना कैरक्टर जीरो है।

farmers Punjab Haryana Western Uttar Pradesh Delhi Border Farmer lawsदिल्ली के विभिन्न बॉर्डर्स पर करीब 52 दिन से ज्यादा समय से हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे हैं। (सोर्स- अमित मेहरा/इंडियन एक्सप्रेस)

कृषि क़ानूनों के मसले पर कल शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी की तरफ से देशव्यापी प्रदर्शन किया गया था। प्रदर्शन से पहले राहुल गाँधी ने कहा था कि देश का किसान ना डरेगा, ना हटेगा और ना झुकेगा। बल्कि इस सरकार को भागना पड़ेगा। इसी को लेकर एक टीवी डिबेट में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने राहुल गाँधी को ही भगोड़ा बता दिया। गौरव के इस बयान से नाराज़ होकर डिबेट में मौजूद कांग्रेस प्रवक्ता ने भी सुषमा स्वराज का नाम लेते हुए कहा कि वो सोनिया गाँधी के सामने चुनाव लड़ीं थीं तो किसने भगाया था।

दरअसल 15 जनवरी को कांग्रेस ने देशभर में कृषि कानून के खिलाफ प्रदर्शन का आयोजन किया था। राहुल गाँधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि नरेंद्र मोदी जी समझते हैं कि किसान थक जाएगा और भाग जाएगा। मोदी जी, किसान नहीं भागने वाला है, आपको भागने पड़ेगा। आपको समझ जाना चाहिए कि ये हिंदुस्तान पीछे हटने वाला नहीं है। ना किसान पीछे हटेंगे और ना ही कांग्रेस पीछे हटने वाली है।

राहुल गाँधी के इस बयान पर एक टीवी डिबेट में भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि पूरे देश को पता है कि भगोड़ा नंबर वन कौन है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेठी से वायनाड कौन भागा है यह भी पूरी दुनिया जानती है। गौरव ने आगे कहा कि ट्रैक्टर की बात वो लोग कर रहे हैं जिनका अपना कैरक्टर जीरो है। साथ ही गौरव ने राहुल गाँधी पर निशाना साधते हुए यह भी कह दिया कि वे तो किसान आंदोलन के दौरान इटली भी भाग गए।

गौरव के इस बयान पर डिबेट में मौजूद कांग्रेस नेता अलका लांबा ने जवाब देते हुए कहा कि दिवंगत नेता सुषमा स्वराज जी सोनिया गाँधी के सामने लड़ी थी तो किसने भाजपा को भगा दिया था। साथ ही अलका ने गौरव को कहा कि अगर आप भगोड़ा जैसे शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो आपको मुंहतोड़ जवाब मिलेगा। 

आपको बता दूँ कि पिछले 52 दिन से देशभर के किसान दिल्ली बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं और सरकार द्वारा पारित किये गए तीनों कृषि क़ानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार और किसान संगठनों के बीच 9 दौर की बातचीत हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।

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