ताज़ा खबर
 

उत्तर प्रदेश में सपा-भाजपा की सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश सफल नहीं होगी: जयंत चौधरी

जयंत चौधरी ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए सपा और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘सब जानते हैं कि मुजफ्फरनगर दंगों का फायदा किसको हुआ।'

Author नई दिल्ली | Updated: September 25, 2016 2:29 PM
UP Assembly polls, BJP SP Alliance, communal polarization, UP Assembly polls 2017, RLD Jayant Chaudharyअजीत सिंह और रालोद महासचिव जयंत चौधरी (दाएं)। (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई सियासी सरगर्मी के बीच अजित सिंह के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने रविवार (25 सितंबर) को सपा और भाजपा पर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के जरिए चुनावी फायदा उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि राज्य में भाईचारा खत्म करने का प्रयास इस बार सफल नहीं होगा। रालोद महासचिव जयंत चौधरी ने कहा, ‘हमारी कोशिश होगी कि इस बार भाईचारा नहीं टूटे। हम दोनों समुदायों के बीच प्रचार अभियान चला रहे हैं। हम दोनों समुदायों (जाट एवं मुस्लिम) से बातचीत कर रहे हैं। लोगों को इस बात का अहसास है कि उनको बरगलाया गया है। सांप्रदायिक ध्रुवीकरण से दोनों की राजनीतिक शक्ति को नुकसान पहुंचा है।’ चौधरी ने माना कि साल 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों के कारण पिछले लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी को बहुत नुकसान पहुंचा।

गौरतलब है कि रालोद की पहले जाट और मुस्लिम दोनों समुदायों में पकड़ थी और उसे दोनों का वोट मिलता था, लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में जाटों का बड़ा हिस्सा भाजपा की तरफ चला गया और रालोद को एक भी सीट नहीं मिली। उन्होंने कहा, ‘मैं मानता हूं कि दंगों का हमें राजनीतिक नुकसान हुआ, लेकिन इससे ज्यादा समाज को नुकसान पहुंचा। अब हम जहां जा रहे हैं वहां देख रहे हैं कि लोग इस बात को महसूस करते हैं। हमारी कोशिश का असर दिख रहा है। दोनों समुदायों के साथ रहने से ही उनकी राजनीतिक हैसियत बढ़ेगी।’

जयंत चौधरी ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के लिए सपा और भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा, ‘सब जानते हैं कि मुजफ्फरनगर दंगों का फायदा किसको हुआ। वे ही लोग फिर से इस तरह का माहौल पैदा करना चाहते हैं। सपा ने फायदे की बात सोची थी लेकिन उसको नुकसान हो गया। सबसे बड़ी बात यह कि अखिलेश यादव की छवि को बहुत बड़ा धक्का लगा।’ उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के जो नेता विवादित बयान देते हैं उनको पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का संरक्षण मिला हुआ है।

पूर्व सांसद ने कहा, ‘पिछले कुछ महीने से साक्षी महाराज, योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्राची विवादित बयान क्यों नहीं दे रहे हैं। इसकी वजह यह है कि उनको शीर्ष नेतृत्व ने मना किया है। इसका मतलब यह है कि जब वे बयान दे रहे थे तब भी उनको शीर्ष नेतृत्व का इशारा मिला हुआ था।’ हालांकि, आगामी विधानसभा चुनाव में रालोद के गठबंधन करने की संभावना के बारे में पूछे जाने पर जयंत चौधरी ने कुछ भी खुलकर कहने से इंकार किया। उन्होंने कहा, ‘हमारी पार्टी की कार्यकारिणी में फैसला हुआ कि पहले संगठन को मजबूत किया जाएगा। गठबंधन को लेकर कोई बात नहीं हुई है।’

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 राजद नेता शहाबुद्दीन की बढ़ी मुसीबत, ज़मानत के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दायर
2 प्रशांत किशोर को साइडलाइन कराने को झूठी शिकायत तक कर रहे कांग्रेसी, AAP नेताओं से करीबी बढ़ाने का आरोप
3 मन की बात: उरी हमले के शहीदों को PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- हमारी सेना बोलती नहीं, पराक्रम दिखाती है