देशभर के राजनीतिक विश्लेषकों की नजर बिहार पर है। ऐसा इसलिए क्योंकि बिहार में पहली बार बीजेपी को मुख्यमंत्री पद मिलने जा रहा है। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। राज्य में सरकार का नेतृत्व कर रहे एनडीए गठबंधन में शामिल जेडीयू और बीजेपी ने मंगलवार को अपने-अपने विधायकों की बैठक बुलाई है।

एनडीए की ओर से भी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है जिसमें नए मुख्यमंत्री का चुनाव किया जाएगा। यह लगभग तय है कि मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। नई सरकार को लेकर दिल्ली से पटना तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।

बिहार बीजेपी के अध्यक्ष संजय सरावगी ने बताया कि मंगलवार को दोपहर 2 बजे पार्टी दफ्तर में बीजेपी विधायक दल की बैठक होगी और इसके बाद शाम को 4 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में एनडीए विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल होंगे।

इस्तीफा देंगे नीतीश कुमार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार सुबह 11 बजे अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक बुलाई है। इसमें वे पद छोड़ने के अपने फैसले की औपचारिक घोषणा कर सकते हैं। इसके बाद वे राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे।

नीतीश कुमार सबसे लंबे वक्त तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं। पिछले महीने जब उन्होंने इस बात का ऐलान किया था कि वह राज्यसभा जाएंगे तो इससे उनके समर्थक और पार्टी के कार्यकर्ता हैरान रह गए थे। बीते साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए को जबरदस्त बहुमत मिला था।

कौन होगा मुख्यमंत्री?

अब सवाल यह है कि बिहार का नया मुख्यमंत्री कौन होगा? मुख्यमंत्री पद के संभावित दावेदारों में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है, जिनके पास गृह विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय की जिम्मेदारी है। हालांकि, उनके आलोचक यह भी कहते हैं कि वह पारंपरिक ‘संघ परिवार’ पृष्ठभूमि से नहीं हैं और वह लंबे समय तक आरजेडी तथा जेडीयू में रहे हैं। इसके अलावा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में है, जिन्होंने 1980 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में कदम रखा था और 2019 में केंद्र सरकार में शामिल होने से पहले प्रदेश बीजेपी के अध्यक्ष भी रहे।

बीजेपी सूत्रों का मानना है कि नया मुख्यमंत्री संभवतः पिछड़े वर्ग (ओबीसी) या दलित समुदाय से होगा क्योंकि पार्टी को अपने पारंपरिक अगड़ी जाति समर्थन आधार के साथ-साथ अन्य वर्गों तक भी पहुंच बढ़ाने की जरूरत है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के भविष्य को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। कुछ नेताओं का दावा है कि 44 वर्षीय निशांत को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।

संभावित मुख्यमंत्री को लेकर पूछे गए सवाल पर बिहार सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, “यह विधायक दल का सामूहिक अधिकार है। मैं कोई अनुमान नहीं लगाना चाहता। शिवराज सिंह चौहान के आने के बाद सब स्पष्ट हो जाएगा।” नेताओं ने शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन अटकलें हैं कि यह 14 या 15 अप्रैल को हो सकता है। ऐसी भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस अवसर पर उपस्थित रह सकते हैं।

बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए को 202 सीट के साथ प्रचंड बहुमत प्राप्त है। इसमें बीजेपी के 89, जेडीयू के 85 और बाकी अन्य सहयोगी दलों लोजपा (रामविलास) के 19, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के 5 और रालोमो के 4 विधायक हैं।

नीतीश कुमार के लिए मोदी के मंत्री ने लिखा भावुक पोस्ट

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार सुबह पटना स्थित मुख्य सचिवालय में अपनी अंतिम मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस कैबिनेट बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सीएम पद छोड़ने से पहले भावुक पोस्ट कर अपनी भावनाएं साझा की हैं। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।