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भाजपा को बिहार चुनाव के लिए किसी किरण बेदी की तलाश: जद (एकी)

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जनता दल (एकी) ने रविवार को भाजपा को चुनौती दी कि वह अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बताए...

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए धर्मनिरपेक्ष गठबंधन की ओर से नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद जनता दल (एकी) ने रविवार को भाजपा को चुनौती दी कि वह अपना मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बताए। पार्टी ने कहा कि भगवा पार्टी के पास नीतीश के मुकाबले कोई चेहरा नहीं है और वह दिल्ली की तर्ज पर बिहार में भी किसी किरण बेदी की तलाश में है।

जद (एकी) महासचिव और प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि भाजपा के पास बिहार में नीतीश कुमार का मुकाबला करने के लिए कोई चेहरा इस समय नहीं है। अब वह दिल्ली की तर्ज पर वहां भी किसी किरण बेदी की तलाश में है। परंतु इतना कहना चाहता हूं कि जो हाल दिल्ली में किरण बेदी का हुआ वही हाल बिहार में भाजपा की किसी दूसरी ‘किरण बेदी’ का भी होगा।

त्यागी ने अभिनेता और भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा के हालिया बयान का हवाला देते हुए भाजपा को चुनौती दी कि इस साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री पद का अपना उम्मीदवार घोषित करे। उन्होंने कहा कि भाजपा हमसे हर चीज के लिए रोजाना सवाल करती है। मैं उनके बयानबाजी के बादशाह सुशील मोदी से पूछना चाहता हूं कि बिहार में उनका चेहरा कौन होगा। अब तो भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा भी पूछ चुके हैं कि विधानसभा चुनाव में पार्टी का चेहरा कौन होने वाला है।

त्यागी का कहना था कि भाजपा के पास नीतीश के मुकाबले कोई चेहरा नहीं है इसलिए वह बार-बार कह रही है कि मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी। यह पहला मौका होगा जब विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मेरा सवाल भाजपा से यह है कि क्या नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर बिहार का मुख्यमंत्री बनेंगे? हाल ही में धर्मनिरपेक्ष गठबंंधन के दलों जद (एकी), राजद, कांग्रेस और राकांपा की ओर से नीतीश कुमार को औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया गया।

त्यागी ने दावा किया कि यह गठबंधन बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा का रथ रोकने में कामयाब होगा और वहीं से देश में गैर भाजपावाद की शुरुआत होगी। उन्होंने कहा- हम बिहार में भाजपा का रथ रोकेंगे। बिहार से गैर भाजपावाद की राजनीति की शुरुआत होगी। जैसे 1970 के दशक में जेपी के नेतृत्व में गैर कांग्रेसवाद शुरू हुआ था उसी तरह से अब गैर भाजपावाद की शुरुआत होगी।

जद (एकी) नेता ने कहा कि इस गठबंधन की परीक्षा लोकसभा चुनाव के ठीक बाद बिहार में 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में हो चुकी है। उपचुनाव में इस गठगंधन ने भाजपा नेताओं द्वारा खाली की गई 10 में से छह सीटें जीती थीं। उसके बाद से अब नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में बहुत कमी आई है और अब हमारा गठबंधन पहले से अधिक मजबूत हो चुका है। त्यागी ने सीटों के बंटवारे के मुद्दे पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।

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