संबित पात्रा बोले- केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण से ज्यादा पब्लिसिटी पर किया खर्च; 40 हजार की दवाई के लिए ट्रैक्टर का किराया 13 लाख, विज्ञापन पर 15 करोड़ से ज्यादा खर्च

BJP ने दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को लेकर अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बायो डी-कम्पोजर से ज्यादा प्रचार प्रसार में खर्च किया।

Sambit Patra Delhi Pollution
दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस कर BJP ने केजरीवाल सरकार पर जमकर साधा निशाना। Photo- Twitter @sambitswaraj

BJP ने दिल्ली में प्रदूषण की समस्या को लेकर अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने बायो डी-कम्पोजर से ज्यादा प्रचार प्रसार में खर्च किया। बताते चलें कि बायो डी-कंपोजर के केमिकल घोल के छिड़काव से पराली को गला दिया जाता है और इससे प्रदूषण भी नहीं फैलता है।

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने सूचना का अधिकार के तहत राज्य सरकार से मिले एक जवाब का हवाला देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने 40,000 रुपये में पूसा से बायो डी-कम्पोजर खरीदा और इससे राजधानी के 310 किसान लाभान्वित हुए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि इसके अलावा 35,780 रुपये गुड़ और बेसन पर खर्च हुए, जिसका इस्तेमाल रासायनिक घोल के साथ किया जाता है। साथ ही 13.20 लाख रुपये ट्रैक्टर के किराए पर और 9.64 लाख रुपये टेंट इत्यादि पर खर्च किए गए।

पात्रा ने कहा कि केजरीवाल सरकार ने विज्ञापनों के जरिए देश भर के किसानों को पराली जलाने के खिलाफ जागरूक करने के लिए 15,80, 36,828 रुपये खर्च किया। उन्होंने कहा, ‘‘चार हजार गुणा अंतर है, काम और दिखावे के बीच में। काम क्या है? 40 हजार रुपये का काम किया और 16 करोड़ रुपये का विज्ञापन किया। काम छोटी सी डंडी यानी पराली जैसा और दिखाया है फसल जैसा…अरिवंद केजरीवाल जी यही हारवेस्ट कर रहे हैं। बुवाई 40,000 रुपये और कटाई 16 करोड़ रुपये। यही इनकी राजनीति चल रही है।’’

भाजपा नेता ने कहा कि इन पैसों का बेहतर इस्तेमाल प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में किया जा सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पराली के मुद्दे की ही तरह अरविंद केजरीवाल हर समस्या के लिए दूसरे राज्यों को दोषी ठहराते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे हिंदुस्तान में सर्वाधिक प्रदूषण कहीं है तो वह दिल्ली में है और संसद से लेकर उच्चतम न्यायलय तक पराली को लेकर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण के लिए केजरीवाल अक्सर पंजाब, हरियाणा और अन्य सटे हुए प्रदेशों को जिम्मेदार ठहराते हैं।

पात्रा ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘दिल्ली में जो प्रदूषण होता है उसके लिए केजरीवाल पंजाब और हरियाणा के किसानों को जिम्मेदार ठहराते हैं। लेकिन सवाल उठता है अगर पंजाब में पराली जलाने से पंजाब के किसान यदि दिल्ली को और हरियाणा में पराली जलाने से वहां के किसान दिल्ली को प्रदूषित कर रहे हैं तो सबसे ज्यादा प्रदूषण तो पंजाब और हरियाणा में ही होना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता सबसे खराब है और कहीं ना कहीं दिल्ली की हवा में प्रदूषण के अलावा राजनीति भी तो है, तभी तो हवा में गंदगी है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ न कुछ गड़बड़ है।’’उन्होंने कहा कि प्रदूषण को लेकर दूसरे पर आरोप मढ़ने के लिए केजरीवाल सरकार को उच्चतम न्यायलय से भी खरी-खरी सुननी पड़ी थी।

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने इस अवसर पर केजरीवाल को इस संकट से निपटने के लिए ‘‘लापरवाह’’ रवैया अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने जो भी वादे किए थी, उनमे से अधिकांश पूरे नहीं हुए।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

Next Story
आरटीआइ के तहत सूचना मांगने की वजह बताएं: मद्रास हाई कोर्ट1975 LN Mishra Murder Case
अपडेट