BJP Punjab Election 2027 Strategy: पश्चिम बंगाल 2026 के विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी परिवर्तन यात्रा की थी और पंजाब के 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले नशा मुक्ति यात्रा करने वाली है। इनके जरिए बीजेपी अपने राजनीतिक संदेश को सीधे मतदाताओं तक पहुंचाने के लिए यात्राओं का सहारा ले रही है।
पंजाब बीजेपी अपनी नशा मुक्ति यात्रा का ब्यौरा तैयार कर रही है, जिसके तहत प्रस्तावित सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा और इसका समापन जालंधर में होगा। यात्रा की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन संभवतः यह 15-20 सितंबर के बीच शुरू होकर लगभग 15-20 दिनों तक चलेगी।
गृहमंत्री अमित शाह की भी होगी भूमिका
पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया है कि राज्य के चार कोनों पठानकोट के माधोपुर, बठिंडा जिले के तलवंडी साबो, रूपनगर जिले के आनंदपुर साहिब और फाजिल्का जिले से चार यात्राएं एक साथ शुरू होंगी। ये यात्राएं अलग-अलग रास्तों से होते हुए जालंधर में मिलेंगी, जहां बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता जनसभा को संबोधित करेंगे। सूत्रों के अनुसार इस समापन कार्यक्रम में गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल हो सकते हैं।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “यात्रा की तारीख अभी तय नहीं हुई है लेकिन यह 15 से 20 सितंबर के बीच शुरू होगी। पंजाब के चारों कोनों से चार यात्राएं एक साथ शुरू होंगी। सुनियोजित मार्गों का अनुसरण करते हुए, वे जालंधर में आकर मिलेंगी।” उन्होंने कहा कि यह यात्रा एक रोड शो के रूप में आयोजित की जाएगी, जिसमें सार्वजनिक सभाओं और संवादों के लिए विभिन्न स्थानों पर ठहराव होंगे।
बीजेपी हो रही लगातार आक्रामक
पिछले कई हफ्तों से बीजेपी का ध्यान सोशल मीडिया पर नशे की समस्या पर केंद्रित रहा है। पार्टी नेताओं ने ऐसे वीडियो साझा किए हैं, जिनमें कथित तौर पर युवा सार्वजनिक स्थानों पर नशे की हालत में दिखाई दे रहे हैं। साथ ही पंजाब सरकार के ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान के दावों पर सवाल उठाए हैं। राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह और पूर्व केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू भी ऐसे वीडियो साझा करने वालों में शामिल हैं। हालांकि, आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कुछ क्लिप की प्रामाणिकता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि वे या तो फर्जी हैं या पंजाब से नहीं हैं।
पंजाब बीजेपी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ने भी उन वीडियो के माध्यम से इस मुद्दे को उजागर किया है जिनमें ग्रामीणों और परिवारों के साथ बातचीत दिखाई गई है, जिन्होंने अपने क्षेत्रों में कथित तौर पर नशीली दवाओं की उपलब्धता के बारे में चिंता व्यक्त की है।
प्रस्तावित यात्रा का उद्देश्य इस अभियान को सोशल मीडिया से आगे ले जाना है। पार्टी नेताओं के अनुसार बीजेपी गांवों और शहरी क्षेत्रों दोनों में यात्रा करने, जनसभाएं आयोजित करने और नशाखोरी से प्रभावित परिवारों से बातचीत करने की योजना बना रही है। पार्टी द्वारा नशाखोरी के प्रमुख क्षेत्रों के रूप में पहचाने गए कई इलाके भी यात्रा मार्गों का हिस्सा हो सकते हैं।
नशे का मुद्दा केंद्र में रहेगा
बीजेपी ने कानून व्यवस्था किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) जैसे मुद्दों को उठाने की योजना बनाई है, लेकिन केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि मादक पदार्थों का खतरा मुख्य मुद्दा बना रहेगा।
उन्होंने कहा, “इसमें कोई शक नहीं कि गुंडागर्दी और कानून-व्यवस्था जैसी समस्याएं भी हैं लेकिन नशा सबसे बड़ा मुद्दा है जो हर किसी को प्रभावित करता है। कई परिवार इसलिए प्रभावित हैं क्योंकि उनके घरों में नशेड़ी हैं, जबकि कई अन्य लोग इस डर में जीते हैं कि आसानी से उपलब्ध होने के कारण उनके बच्चे नशे की लत का शिकार न हो जाएं। इसीलिए यह यात्रा महत्वपूर्ण है।”
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “जिस प्रकार परिवर्तन यात्रा ने मार्च में पश्चिम बंगाल के कोने-कोने का भ्रमण किया, उसी प्रकार नशा मुक्ति यात्रा हमें पंजाब के गांवों और शहरी क्षेत्रों तक ले जाएगी। हम जनसभाएं आयोजित करेंगे और प्रभावित परिवारों से बातचीत करेंगे। हमारा पूरा नेतृत्व वर्तमान में मार्गों और अन्य व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त है,” ढिल्लों ने कहा।
बीजेपी बंगाल में अपने सफल चुनाव अभियान की संगठनात्मक भव्यता को दोहराने की कोशिश कर रही है। केवल ढिल्लों ने कहा, “आप इसे हमारे चुनाव अभियान की शुरुआत कह सकते हैं, हालांकि हम पहले से ही पूरी तरह से चुनावी माहौल में हैं।”
‘प्रतिदिन एक राष्ट्रीय नेता’
इस यात्रा से पंजाब में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की बढ़ती सक्रियता प्रदर्शित होने की उम्मीद है, जहां फरवरी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हाल के महीनों में पार्टी नेतृत्व ने राज्य के दौरे बढ़ा दिए हैं। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने जून में पंजाब का दौरा किया, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 जुलाई को जालंधर का दौरा किया।
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष ने 24 और 25 अगस्त को राज्य का दौरा किया, जबकि नव नियुक्त राज्य भाजपा प्रभारी सतीश पूनिया ने 31 अगस्त से 2 सितंबर तक राज्य का दौरा किया। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, “यह यात्रा 15-20 दिनों तक चलेगी और हर दिन पंजाब में कोई न कोई राष्ट्रीय नेता – चाहे वह केंद्रीय मंत्री हो, राज्य मंत्री हो या केंद्रीय नेतृत्व का कोई सदस्य – नजर आएगा।”
बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का प्रबंधन
बीजेपी द्वारा प्रस्तावित लामबंदी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा राज्य इकाई के भीतर मतभेदों को दूर करने के प्रयासों के बीच आई है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, पूनिया ने राज्य के पार्टी नेताओं से आंतरिक मतभेदों को सुलझाने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने को कहा है। नाम न छापने की शर्त पर एक नेता ने कहा, “पूनिया का एक स्पष्ट संदेश था कि यात्रा शुरू होने से पहले पार्टी के भीतर के मतभेदों को सुलझा लिया जाए। उनका यह भी मानना है कि बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं का सूक्ष्म प्रबंधन जरूरी है।”
हालांकि केवल सिंह ढिल्लों ने असहमति की खबरों को खारिज करते हुए कहा, “पार्टी में असहमति लगभग न के बराबर है। अनुशासनहीनता के लिए तीन-चार नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन वे हमारे अपने लोग हैं और मामले जल्द ही सुलझ जाएंगे।”
भगवंत मान सरकार भी शुरू कर रही मिशन
बीजेपी का अभियान भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी सरकार के 1 मार्च, 2025 को शुरू किए गए ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान के साथ-साथ चलेगा। मान सरकार ने इस अभियान को मादक पदार्थों की तस्करी पर एक सतत कार्रवाई के रूप में पेश किया है, जिसमें प्रवर्तन, ज़ब्ती, गिरफ्तारियां, जनभागीदारी और नशामुक्ति के प्रयास शामिल हैं।
सरकार के नए आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च 2025 से 3 सितंबर 2026 के बीच सेफ पंजाब हेल्पलाइन को 51,979 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसके परिणामस्वरूप 25,339 नशीली दवाओं से संबंधित गिरफ्तारियां हुईं। इसी अवधि के दौरान, एनडीपीएस अधिनियम के तहत 59,293 एफआईआर दर्ज की गईं।
बीजेपी एक प्रतिवाद गढ़ने की कोशिश कर रही है कि सरकार के गिरफ्तारियों और ज़ब्ती के दावों के बावजूद, ड्रग्स आसानी से उपलब्ध हैं और पूरे राज्य में परिवारों को प्रभावित कर रहे हैं। पार्टी ने इस साल की शुरुआत में ही संकेत दे दिया था कि नशीली दवाओं का मुद्दा चुनावी मुद्दा बनेगा। 14 मार्च को मोगा में आयोजित बदलाव रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है तो वह दो साल के भीतर पंजाब से नशीली दवाओं की समस्या को जड़ से खत्म कर देगी।
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पंजाब में अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने एक बड़ा ऐलान किया है। मंगलवार को पंजाब चुनाव को लेकर लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक में मायावती ने संगठन के पदाधिकारियों और और संगठन का कामकाज देखने वाले नेताओं के सामने ये ऐलान कर दिया कि पार्टी पंजाब का चुनाव अकेले ही लड़ेगी। इस घोषणा के साथ ही बीएसपी ने अकाली दल के साथ गठबंधन भी तोड़ दिया। पढ़िए पूरी खबर…
